Bengaluru Police High Traffic Fine : एक्टिवा सवार महिला का कटा 1.36 लाख रूपये का जुर्माना! जान लें, स्कूटर चलाते समय भूलकर भी ये गलती न करें

Bengaluru Police High Traffic Fine : दक्षिण भारत बेंगलुरू में एक आश्चर्य करने वाली घटना सामने आई। बेंगलुरू की एक एक्टिवा सवार महिला ने यातायात कानून का जमकर उल्लघंन किया। इसके चलते उस पर बेंगलुरू यातायात पुलिस ने 1.36 लाख का जुर्माना ठोका और स्कूटर भी बॉन्ड कर दिया।

बता दें कि, कर्नाटक की राजधानी बेंगलुरू में यातायात नियमों का उल्लघंन करना महिला को काफी भारी पड़ गया। जबकि महिला पर बेंगलुरू पुलिस ने 1.36 लाख रूपये का जुर्माना (Bengaluru Police High Traffic Fine) लगाया गया है। दरअसल, गलत दिशा में गाड़ी चलातेे समय महिला की तस्वीरें सीसीटीवी फुटेज में सामने आई हैं।

बेगलुरू मीडिया रिर्पोट के सूचना  के अनुसार महिला बिना हेलमेट पहने स्कूटर पर सवारी करती थी। इसकी जानकारी जब पुलिस लगी तो, टीम ने यातायात कानून तोड़ने पर स्कूटर सवार महिला पर कड़ा रूख करते हुए महंगा सबक सिखाया। बेंगलुरू पुलिस ने स्कूटर सवार महिला पर 1.36 लाख रूपये का भारी जुर्माना (Bengaluru Police High Traffic Fine) लगाया है। जबकी चालान महिला की हौंडा एक्टिवा स्कूटर की कीमत से काफी ज्यादा है।

 

क्यों कटा महिला का इतना महंगा चालान ?

कन्नड़ भाषा का लोकप्रिय यूट्यूब चैनल टीवीनाईन कन्नड़ ने अपने यूट्यूब चैनल पर सीसीटीवी फुटेज की तस्वीरें साझा की हैं। मीडिया रिपोर्ट की सूचना के अनुसार स्कूटर सवार महिला ने 270 बार यातायात नियमों का उल्लंघन किया था। इसलिए इस कारण पुलिस अधिकारियों ने उसका इतना महंगा चालान (Bengaluru Police High Traffic Fine) काटा और स्कूटर भी जब्त कर लिया।

 

किन यातायात का नियम उल्लघंन करना महिला को भारी पड़ गया ?

बता दें कि, महिला ने यातायात नियमों (Bengaluru Police High Traffic Fine) का पालन का उल्लघंन इसलिए भारी पड़ गया कि, उसने यातायात के कई कानूनी नियमों को तोड़ा जैसे हेलमेट के बिना सवारी करना, बिना हेलमेट के पीछे बैठे व्यक्ति को ले जाना, सड़क के गलत तरफ सवारी करना, सवारी करते समय मॉबाईल फोन का उपयोग करना और यहां तक कि, यातायात सिग्नल तोड़ना भी शामिल है। ये यातायात उल्लघंन घटना शहर के अंदर रोड पर लगे सीसीटीवी कैमरों में कैद हो गई हैं।

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Air India flight declared : कनाडा जाने वाली एयर इंडिया फ्लाइट में 250 यात्रियों का जमकर हुजूम मचा! ना भोजन और ना पानी की व्यवस्था मिली

Air India flight declared : कनाडा (Canada) के लिए उड़ान भरने वाली एयर इंडिया (Air India) की फ्लाइट को लेकर आज एयरपोर्ट पर जमकर हुजूम मचा। मौके पर फ्लाइट की उड़ान पहले कई घंटे विलंब की भेंट चढ़ी और फिर बाद में इसे रद्द कर दिया गया। परेशान यात्रियों ने एयरपोर्ट पर एयरलाइंस कर्मियों को जमकर खरी – खोटी सुनाई।

यात्रियों का आरोप है कि, एयरपोर्ट (Air India flight declared) पर जो यात्री फंसे रह गए, उनके लिए एयर इंडिया ने न पानी और न ही भोजन की व्यवस्था की जबकि उड़ान के इंतजार में बैठे करीब 250 यात्रीयों को परेशानी का सामना करना पड़ा। बाद में एयर इंडिया ने इस पूरे मामले पर खेद प्रकट किया।

 

कनाडा जाने वाली उड़ान संख्या AI- 187 आध घंटा से ज्यादा लेट हुई

बता दें की, एयर इंडिया (Air India flight declared) की दिल्ली से कनाडा के टोरंटो जाने वाली उड़ान संख्या AI- 187 को आईजीआई के टर्मिनल-3 से सोमवार देर रात करीब पौने चार बजे उड़ान भरनी थी। जबकि, अंतरराष्ट्रीय यात्रा होने के कारण यात्रियों को कस्टम व इमिग्रेशन से जुड़ी प्रक्रिया पूरी करनी होती है। इसे देखते हुए यात्री उड़ान के लिए तय समय से करीब 5 घंटा पहले एयरपोर्ट पर पहुंच गए।

तमाम प्रक्रिया पूरी करने के बाद जब यात्री बोर्डिंग करने वाले थे, तब उन्हें पता चला कि, उड़ान में अभी विलंब होगा। इस बीच यात्रियों को पता चला कि, यह उड़ान पिछले कई दिनों से तय समय से रवाना होने के बजाय करीब आधा घंटा की देरी से उड़ान भर रही है। यात्रियों को लगा कि, शायद उन्हें भी आधा से एक घंटा की देरी उड़ान भरने में हो। वे सब्र से प्रतीक्षा करने लगे। लेकिन आधे से एक घंटे का उनका अंदाजा बिल्कुल गलत साबित हुआ।

 

फ्लाईट में यात्रियों को न भोजन, न ही पानी की व्यवस्था मिली

फ्लाईट में यात्री जब भी एयर इंडिया (Air India flight declared) वाले से भोजन और पानी की व्यवस्था बारे में पूछते तो, यात्रियों को कर्मचारियों की तरफ से संतोषजनक जवाब नहीं मिला। इस बीच यात्रियों का आरोप है कि वस्तुस्थिति से अवगत कराने के बजाय कर्मियों की व्यवस्था खाने के प्रति काफी फिजूल था। इसलिए वें यात्रियों को सहयोग नहीं कर रहे थे। इस प्रकार यात्रियों ने हंगामा शुरू करना कर दिया। यात्रियों का आरोप है कि, घंटों इंतजार करने के दौरान भी उन्हें न तो भोजन, न तो पानी देना एयर इंडिया वालों ने हमें मुनासिब समझा।

 

यात्रियों ने वीडियो को एक्स हैंडल पर साझा किया

इस पूरे प्रकरण पर संजय मिश्रा नामक व्यक्ति ने अपने एक्स हैंडल से पोस्ट करते हुए लिखा कि, विमान को रद्द करने के बाद यात्रियों के लिए पानी व भोजन तक की व्यवस्था नहीं कि जा रही है।

 

किराया रिफंड से बढ़ा यात्रियों का गुस्सा

एक यात्री ने बताया कि, उनके स्वजन को इस उड़ान से कनाडा जाना था। एयर इंडिया कर्मियों पर जब यात्रियों ने दबाव बनाया तो उन्होंने किराया रिफंड की बात शुरू कर दी। लेकिन किराया रिफंड से यात्रियों की परेशानी और बढ़ सकती थी, जिससे उन्हें एयर इंडिया के कर्मचारियों पर गुस्सा आया । जबकि एयरलाइंस (Air India flight declared) को यात्रियों के लिए किसी अन्य उड़ान का इंतजाम करना चाहिए था, लेकिन वे किसी की सुन ही नहीं रहे थे। इस प्रकार पूरा मामला निबटने के बाद, काफी कोशिश से कुछ यात्रियों को करीब 10 दिन के बाद का टिकट एयर इंडिया ने उपलब्ध कराया।

 

एक्स पर वीडियो वायरल होने से एयर इंडिया ने खेत चताया

इस बीच सोशल मीडिया प्लेटफ्रॉम एक्स पर ही उड़ान संख्या एआई 187 को लेकर ही एक यात्री ने पोस्ट करते हुए लिखा है कि, दिल्ली से टोरंटो की उड़ान के दौरान इस विमान में न तो कॉफी, न तो पानी, न तो टॉयलेट पेपर की सुविधा है। देखो, अंतरराष्ट्रीय उड़ान (Air India flight declared) की ऐसी हालत है। इस पोस्ट के उत्तर में एयर इंडिया ने यात्री से खेद प्रकट करते हुए, इस उड़ान से जुड़ी पूरी सूचना मांगी है।

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Jind news : मैरिज पैलेस में चल रहा था इंटरनेशनल स्कूल, cm फ्लाइंग ने मारी रेड, 208 बच्चे, नहीं मिला रेजिस्ट्रेशन

Jind news : हरियाणा के जींद के नरवाना में कैनाल रोड पर सीएम फ्लाइंग तथा शिक्षा विभाग की संयुक्त टीम ने डीबीके इंटरनेशनल स्कूल में छापेमारी की। जांच में स्कूल का कोई रजिस्ट्रेशन नहीं मिला। टीम ने विस्तृत रिपोर्ट बना कर मुख्यालय को भेज दी है और शिक्षा विभाग ने स्कूल संचालक को नोटिस जारी किया है। आगामी कार्रवाई शिक्षा विभाग द्वारा अमल में लाई जाएगी।

सीएम फ्लाइंग के डीएसपी रविंद्र कुमार ने बताया कि उन्हें सूचना मिली थी कि नरवाना (Jind news ) के कैनाल रोड पर बना मान्यता के डीबीके इंटरनेशल नाम से स्कूल चलाया जा रहा है।

जिसके आधार पर सीएम फ्लाइंग (Jind news ) के सब इंसपेक्टर चरणसिंह के नेतृत्व में छापामार टीम का गठन किया गया। जिसमें एएसआई खुशीराम तथा शिक्षा विभाग के खंड शिक्षा अधिकार सुरेश नैन, लिपिक पवन को भी शामिल किया गया। टीम ने जब स्कूल में दस्तक दी तो वह मैरिज हाल में चलता पाया गया। नर्सरी से चौथी कक्षा तक स्कूल रिकार्ड 208 बच्चों का दाखिला पाया गया।

 

स्कूल में 172 छात्र हाजिर पाए गए। स्कूल की मान्यता से दस्तावेज मांगे जाने पर स्कूल संचालक उन्हें दिखाने में नाकाम रहा। फायर सेफ्टी, पीने के पानी, साफ सफाई, बिल्डिंग सेफ्टी सर्टिफिकेट से संबंधित को कोई दस्तावेज नही मिला। ना ही सोसायटी रजिस्ट्रेशन सर्टिफिकेट मेरिज पैलेस (Jind news ) का कोई किरायानामा तथा पट्टे से संबंधित दस्तावेज प्रस्तुत कर पाया। जिस पर सीएम फ्लाइंग ने विस्तृत रिपोर्ट तैयार कर मुख्यालय को भेज दी है। वहीं शिक्षा विभाग ने स्कूल संचालक को नोटिस जारी किया है।

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Haryana Rain alert : हरियाणा के कई जिलों में बारिश होने की संभावना, जानिए कैसा रहेगा मौसम

Haryana Rain alert : मौसम विशेषज्ञ के अनुसार तो इसके असर से 20 अप्रैल तक तेज हवाओं के साथ बूंदाबांदी की संभावना रहेगी। पश्चिमी विक्षोभ के कारण वीरवार शाम को बूंदाबांदी हुई है। रात को एक पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय होने के कारण बारिश हुई है। भारतीय मौसम विज्ञान विभाग के अनुसार भिवानी, झज्जर, रोहतक, हिसार, सोनीपत, पानीपत, करनाल, जींद में मेघगर्जन के साथ बिजली व अचानक तेज हवाएं चलीं।

मौसम विशेषज्ञ डॉ. चंद्रमोहन के अनुसार, इस महीने में लगातार एक के बाद एक कमजोर पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय होने से मौसम (Haryana Rain alert) में बदलाव का क्रम जारी है। कमजोर पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय होने से लगातार बादलवाही देखने को मिल रही है। साथ ही बार.बार हवाओं की दिशाओं में बदलाव होने से तापमान में भी उतार चढ़ाव हो रहे हैं।

हालांकि, हरियाणा के सिरसा, हिसार, फतेहाबाद, चरखी दादरी, भिवानी, झज्जर, रोहतक, जींद व सोनीपत, पानीपत, सोनीपत, करनाल जिलों के कुछ हिस्सों में बूंदाबांदी दर्ज की गई है।

 

वहीं गुरुवार को भी कुछ जिलों में बूंदाबांदी (Haryana Rain alert) दर्ज की गई है। आपको मौसम अनुमान से तब सूचित होता है, जब पश्चिमी विक्षोभ आते हैं तो हवाएं पश्चिमी होने से तापमान में बढ़ोतरी होती है। जब ये सक्रिय होते हैं तो हवा दक्षिणी पूर्वी व दक्षिणी पश्चिमी होने से बादलवाही होती है। इसके बावजूद जब ये आगे निकल जाते हैं तो हवाएं उत्तरी होने से तापमान में गिरावट दर्ज होती है।

यही कारण है कि अभी तक गर्मी के तेवर नहीं दिखे हैं। इसी कड़ी में 16 अप्रैल की रात सक्रिय हुए एक कमजोर पश्चिमी विक्षोभ से बुधवार को बादल वाही हुई और कहीं-कहीं बूंदाबांदी दर्ज की गई।

 

डॉ. चंद्रमोहन के अनुसार कैसा रहेगा मौसम ?

हरियाणा के कई जिलों के मौसम पर डॉ. चंद्रमोहन के मुताबिक एक अन्य ताजा पश्चिमी विक्षोभ बुधवार रात को सक्रिय हो हुआ। इसके असर से उत्तरी राजस्थान पर एक कम दबाव का क्षेत्र बनेगा। इससे 18 से 20 अप्रैल के दौरान बादलवाहीए तेज गति से हवाएं चलने और प्रदेश के पश्चिमी व दक्षिणी हिस्सों में गरज चमक के साथ बिखराव वाली बूंदाबांदी (Haryana Rain alert) हो सकती है। इसे लेकर भारतीय मौसम विभाग ने येलो अलर्ट जारी कर दिया है।

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Gurugram wine drinks story : सरकार की कमाई में हो रही है बल्ले! बल्ले! पिछले 10 महीनों में 600 करोड़ की शराब पी गए गुरूग्राम के लोग

Gurugram wine drinks story : एक तरफ सरकार टीवी और अन्य संचार के माध्यमों पर शराब निरोधक विज्ञापन छपवाती है, दूसरी शराब का कारोबार दिन-प्रतिदिन बढ़ा रही है। हाल ही में जारी एक्साइज विभाग के आंकड़े बताते हैं कि गुरूग्राम के लोगों ने पिछले 10 महीनों में लगभग 6 हजार करोड़ रूपये की शराब का सेवन किया है। इस भारी खपत ने केवल स्थानीय बाजार में व्यापक प्रभाव डाला है, बल्कि एक्साइज राजस्व में भी उल्लेखनीय वृद्धि कर रहा है।

 

टैक्स रेवेन्यू में बढ़ोतरी

बता दें कि 2023-2024 के दौरान एक्साइज विभाग ने जो टैक्स वसूली की है, उसमें पिछले साल की तुलना में 70 प्रतिशत की बढ़ोतरी देखी गई है। यह बढ़ोतरी न केवल शराब (Gurugram wine drinks story) की बढ़ती खपत को दर्शाती है, बल्कि यह भी बताती है कि, कैसे शराब व्यवसाय से शहर के आर्थिक ढांचे पर प्रभाव पड़ रहा है।

 

नई एक्साइज नीधि के प्रभाव

गौरतलब है कि, 12 जून 2024 को नई पॉलिसी लागू होने वाली है। जबकि लागू करने के लिए चुनाव आयोग से अनुमति लेनी होगी। इस नई नीधि के अनुसार बड़े परिवर्तनों की संभावना कम है, पर यह नीधि शहर में शराब की बिक्रि और उपभोगताओं पर डाल सकती है।

 

शराब बाजार का विस्तार इस प्रकार बढ़ा

गुरूग्राम में शराब का बाजार विस्तार ईस्ट जोन और वेस्ट जोन के वेंडर्स का हाथ है। गुरूग्राम में शराब (Gurugram wine drinks story) के व्यापार में ईस्ट और वेस्ट जोन में कुल 245 वेंडर्स को प्रत्येक का दो वाइन शॉप खोलने की अनुमति है, जिससे शहर में शराब की उपलब्धता और भी सरल हो गई है। वेस्ट जोन में तो इंडियन मेड लीकर का कोटा पिछले साल के मुकाबले बढ़ा है। जबकि शहर की बढ़ती मांग को पूरा करने में सहायक हो रहा है।

 

शराब का इस तरह का व्यापार से बढ़ सकती है चुनौतियां

एक्साइज विभाग के अनुसार, आने वाले समय में शराब (Gurugram wine drinks story) की खपत में और वृद्धि होने की संभावना है, जिससे रेवेन्यू में भी उत्तरोत्तर वृद्धि होगी। यह बढ़ती खपत शहर की आर्थिक स्थिति पर गहरा प्रभाव डालेगी, और यह एक बड़ी चुनौती के रूप में सामने आ सकती है। व्यवसायी और प्रशासन को इस बढ़ती खपत को संभालने के लिए नई रणनीतियों और नीतियों का विकास करना होगा। ताकि सामाजिक और आर्थिक प्रभावों को संतुलित किया जा सके।

 

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Mughal Harem story : मुगल हरम में रहती थी 5 हजार से भी अधिक महिलाएं ! मुगल बादशाह कहां से लाते थे इतनी महिलाएं, आए जानें

Mughal Harem story : मुगल इतिहास की कहानियां अक्सर हम बड़े बुज्रकों से सुनते रहते हैं या फिर किताबों में कहीं ना कहीं पढ़ते रहते हैं। अक्सर सुनने में आता है कि मुगलों के बादशाह अपने हरम में 5 हजार से भी अधिक महिलाएं रखते थे। लेकिन ये सुनने के बाद आपको एक दम आश्चर्य में डाल देता है। इस तरह की कहानी के प्रति आपके दिमाग में एक सवाल जरूर आता होगा कि बादशाह इतनी महिलाओं का करते क्या थे और ये महिलाएं आती कहां से थी।

बताया जाता है कि, हरम के अंदर बादशाह के अलावा अन्य कोई मर्दों नहीं जा सकता था। बिना अनुमति के मुगल हरम में कोई नहीं जा सकता था। मुगल हरम में इतनी सारी महिलाएं होने के बाद भी महिलाएं उसमें जाने को मजबूर क्यों हो जाती थीं।

क्यों रखा जाता था मुगल हरम में महिल्याओं को ?

यदि आपको सरल शब्दों में बताया जाए तो, मुगल हरम (Mughal Harem story) वो जगह थी जहां मुगल बादशाह से संबंध रखने वाली औरतें रहती थीं। इनमें खासतौर पर उनकी बेगमें होती थीं। इसका मतलब है कि, जिस महल में बादशाह की बेगमें रहती थीं। उस जगह को मुगल हरम कहा जाता था। इसके अलावा युद्ध में जीती गईं महिलाओं को भी मुगल हरम में रखा जाता था।

इतिहासिक तथ्यों के अनुसार, मुगल हरम (Mughal Harem story) में जो महिलाएं होती थीं, उनको जंग में जीता जाता था। इसका अर्थात है कि मुगल जंग में हारे हुए राजा की महिलाओं को अपने हरम में शामिल कर लेते थे। जबकि कई विदेशी भी बादशाह के दरबार में आते थे, जो बादशाह को तोहफे के रूप में महिलाओं को देते थे।

मुगल हरम में किस तरह की महिलाएं रखी जाती थी ?

बता दें की, मुगल बादशाह के हरम (Mughal Harem story) में उनकी बेगमें, महिला रिश्तेदार, रखैलें, दासियां, जंग में जीती हुई महिलाएं और तोहफे में मिलीं महिलाएं होती थीं, इसी वजह से इनकी संख्या हजारों में पहुंच जाती थी।

दरअसल, मुगल हरम में रहने वाली महिलाओं का बाहरी दुनिया से कोई नाता नहीं था। उनको केवल मुगल हरम के अंदर ही रखा जाता था, उनको बाहर आने की अनुमति नहीं दी जाती थी।

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America news : अब अमेरिका में रहना होगा मुश्किल, अमेरिका में बसने का सपना देख रहे हैं तो ठीक से सोच लीजिए

America news : दशकों से रोजगार आधारित ग्रीन कार्ड (जीसी) का इंतजार करते-करते थक चुके भारतीयों को अमेरिका में रहने में मुश्किलें बढ़ रही हैं। हाल ही में, अमेरिकी नागरिकता और इमिग्रेशन सर्विस (USCIS) ने गर्व से एक्स पर पोस्ट किया कि भारत की एक 99 वर्षीय महिला को नागरिकता प्रदान की गई है। ‘वे कहते हैं कि उम्र सिर्फ एक नंबर है। यह बात 99 वर्षीय इस महिला के लिए सच साबित होती है जो हमारे ऑरलैंडो ऑफिस में नई अमेरिकी नागरिक बन गई हैं। दाईबाई भारत से हैं और निष्ठा की शपथ लेने के लिए उत्साहित थीं। ‘

एक व्यक्ति ने यूएससीआईएस को जवाबी बयान देते हुए लिखा, ‘हाहाहा, जल्द ही आप मरणोपरांत ग्रीन कार्ड देंगे!’ ग्रीन कार्ड अमेरिकी नागरिकता (America news) की ओर पहला कदम है। आम तौर पर, जी.सी. रखने के पांच साल बाद ही (अगर आप किसी अमेरिकी नागरिक से विवाहित हैं तो यह अवधि तीन साल तक कम हो जाती है) आप नागरिकता के लिए आवेदन कर सकते हैं। दिक्कत यह है कि अगर आप भारत से हैं तो इसके लिए दशकों तक लाइन में लगना पड़ता है।

 

अमेरिका ने 1920 से लीगल इमीग्रेशन को कर रखा है बैन

बता दें की, 1920 के दशक से ही अमेरिका (America news) ने लीगल इमीग्रेशन को प्रतिबंधित कर रखा है। कैटो इंस्टीट्यूट में इमीग्रेशन स्टडीज के निदेशक डेविड जे बियर बताते हैं कि यह सिस्टम उन लोगों को प्लान पूरी तरह से फेल कर देती है जो वैध और व्यवस्थित तरीके से ‘अमेरिका में रहने के सपने’ को पूरा करने की आकांक्षा रखते हैं।

उनके फरवरी 2024 के रिसर्ट में पता चलता है कि ‘ग्रीन कार्ड अप्रूवल रेट रिकॉर्ड निचले स्तर पर पहुंच गया। ये दिखाता है कि ग्रीन कार्ड का आवेदन जमा करने वालों में से महज 3 फीसदी को ही वित्त वर्ष 2024 (30 सितंबर, 2024 को समाप्ति) के दौरान स्थायी दर्जा प्राप्त होगा।

 

1 अक्टूबर, 2023 तक, लगभग 34.7 मिलियन एप्लिकेशंस पेंडिंग थे। 1996 में लगभग 10 मिलियन से ज्यादा आवेदन लंबित थे। कैटो इंस्टीट्यूट में इमीग्रेशन स्टडीज के निदेशक डेविड जे बियर कहते हैं कि इनमें से कई लोग सही मायने में आवेदक नहीं हैं। अधिकांश (ज्यादातर भारतीय) कैप नंबर उपलब्ध होने का इंतजार कर रहे हैं, जिसके बाद वे औपचारिक ग्रीन कार्ड आवेदन दायर कर सकते हैं।

समग्र सीमा के अलावा, चाहे वह रोजगार या परिवार आधारित जी.सी. के लिए हो, कोई भी देश ग्रीन कार्ड (देश की सीमा) के 7 फीसदी से अधिक प्राप्त नहीं कर सकता है। यह लिमिट भारतीयों और, कुछ हद तक, चीनी नागरिकों पर प्रतिकूल प्रभाव डालती है।

नेशनल फाउंडेशन फॉर अमेरिकन पॉलिसी, जिसने हाल ही में इमिग्रेशन संबंधी आंकड़ों का विश्लेषण किया है, बताया कि 1.2 मिलियन से अधिक हाई स्किल्ड भारतीय, जिनमें उनके आश्रित भी शामिल हैं, पहले, दूसरे और तीसरे रोजगार-आधारित जी.सी. कैटेगरी में प्रतीक्षा कर रहे हैं।

 

रोजगार के आधार पे मिलता है ग्रीन कार्ड

वित्त वर्ष 2024 में, लगभग 8 फीसदी पेंडिंग रोजगार आधारित आवेदनों को ग्रीन कार्ड के लिए स्वीकृत किया जाएगा। लेकिन इनमें से अधिकांश उन आवेदकों को नहीं मिलेंगे जिन्होंने सबसे लंबे समय तक इंतजार किया है। वहीं अमेरिका (America news) कुल सीमा 1.4 लाख प्रति वर्ष निर्धारित की गई है, साथ ही इस श्रेणी में आने वाले परिवार से संबंधित ग्रीन कार्ड भी शामिल हैं।

इसके बजाय, देश की सीमा के कारण, अगले साल अप्लाई करने वाले आवेदक चीन और भारत के आवेदकों को पीछे छोड़ देंगे। इनमें से कई पहले से ही 100 से अधिक वर्षों से प्रतीक्षा कर रहे हैं।

पहले के रिसर्च से पता चला था कि भारत से रोजगार आधारित GC बैकलॉग (EB-2 और EB-3 स्किल्ड कैटेगरी) मार्च 2023 में 1 मिलियन को पार कर गया। अगर मृत्यु और ‘उम्र बढ़ने’ जैसे कारकों पर विचार किया जाए, तो GC के लिए प्रतीक्षा अवधि 54 साल है। अन्यथा, यह 134 साल है।

 

क्या है ? परिवार प्रायोजित ग्रीन कार्ड

इस श्रेणी में प्रतीक्षा कर रहे 4.14 लाख भारतीय ग्रीन कार्ड प्राप्त करने से पहले ही मर जाएंगे। भारतीय परिवारों के 1 लाख से अधिक बच्चे वयस्क हो जाएंगे (21 वर्ष के हो जाएंगे), और उनका डिपेंडेंट वीजा अब मान्य नहीं होगा, और वे ग्रीन कार्ड की लाइन से बाहर हो जाएंगे।

इन 21 वर्षीय लोगों के लिए, इसका मतलब है इंटरनेशन स्टूडेंट वीजा (America news) या फिर सेल्फ डिपोर्टेशन। अध्ययन के बाद, अगर वे अमेरिका में रहना जारी रखना चाहते हैं, तो इतिहास खुद को दोहराता है, H-1B और ग्रीन कार्ड बैकलॉग के प्रयासों के साथ ही ऐसा होगा।

जी.सी. धारकों के जीवनसाथी और नाबालिग बच्चों के लिए 2.26 लाख की सीमा है। यहां तक कि अमेरिकी नागरिकों के वयस्क बच्चे और भाई-बहन भी इस श्रेणी में आते हैं। यहां, मेक्सिको और फिलीपींस के लोगों को सबसे लंबा इंतजार करना पड़ता है।

 

बाइडेन के 2020 के चुनावी वायदे

अपने 2020 के चुनावी अभियान में, जो बाइडेन ने कानूनी आव्रजन प्रणाली (लीगल इमिग्रेशन सिस्टम) में सुधार का वादा किया था। 21 जनवरी, 2021 को पदभार ग्रहण करने के अपने पहले दिन, उन्होंने कांग्रेस को यूएस सिटिजनशिप एक्ट भेजा। भारतीय प्रवासियों के लिए और वास्तव में, अमेरिका (America news) में रहने के इच्छुक लोगों के लिए – रोजगार-आधारित वीजा बैकलॉग को साफ करने का प्रस्ताव इसमें था। इसके अलावा अनयूज्ड वीजा को फिर प्राप्त करने, लंबे प्रतीक्षा समय को कम करने और प्रति देश वीजा कैप को समाप्त करने के प्रपोडल भी इसमें प्रमुख थे।

इस विधेयक में एच-1बी वीजा धारकों के आश्रितों को काम करने की अनुमति भी दी गई है। उनके बच्चों को सिस्टम से ‘वृद्धावस्था से बाहर’ होने से बचाया गया है। ये सुधार – भले ही इसके बाद आए द्विदलीय विधेयकों सहित कई अन्य बिल में नजर आया। हालांकि, ये फलीभूत नहीं हुए। 2024 के लिए बाइडेन का कैंपेन लोगो है- ‘चलो काम खत्म करते हैं’। अभी तक, राजनीतिक बहसों और तीखे हमलों में बॉर्डर कंट्रोल पर ध्यान केंद्रित किया गया है। भारतीय प्रवासी इंतजार कर रहे हैं।

 

भारतीयों के प्रति ट्रम्प का प्रस्तावित नियोजना

भारतीय प्रवासियों के दृष्टिकोण से, जन्म से नागरिकता (America news) को खत्म करना एक गंभीर मुद्दा होगा। ट्रम्प की ओर से लीगल इमिग्रेशन पर भी नकेल कसने की संभावना है।

इसमें फिर से H-1B वीजा में पत्नियों के वर्क परमिट को खत्म करने, अंतर्राष्ट्रीय छात्रों के लिए वीजा अवधि को सीमित करने, उनके लिए अध्ययन के बाद के स्टडी वर्क प्रोग्राम को सीमित करने और H-1B वीजा कार्यक्रम में सख्ती लाने से संबंधित नीतियों को देख सकते हैं। जैसे कि इन वीजा (America news) को सबसे अधिक वेतन पाने वालों को आवंटित करना। लीगल इमिग्रेंट्स के लिए बदलाव की हवा अभी तक आती नहीं दिख रही है।

डोनाल्ड ट्रम्प का इमिग्रेशन विरोधी रुख, कथित तौर पर, और भी तेज होगा। बड़े पैमाने पर निर्वासन, डाका (डेफर्ड एक्शन फॉर चाइल्डहुड अराइवल्स) को खत्म करना, जो उन लोगों को सुरक्षा प्रदान करता है जो बिना दस्तावेज वाले अप्रवासियों के बच्चों के रूप में अमेरिका में प्रवेश करते हैं। इसके अलावा मुस्लिम देशों से आने वालों के लिए यात्रा प्रतिबंध कार्ड पर प्रतीत होते हैं।

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Haryana news : हरियाणा सरकार इस जगह खरीदेगी 2300 एकड़ जमीन, किसानों को मिलेंगे मुंहमांगे दाम

Haryana news : हरियाणा के अंबाला में 40 किलोमीटर तक रिंग रोड बनाया जा रहा है। जिसे 152 डी हाईवे से भी जोड़ने की चर्चा भी चल रही है। गौरतलब है की, साइंस इंडस्ट्री के लिए ट्रांसपोर्टेशन बेहतर करने के लिए, ईर्स्टन डेडीकेटिड फ्रेट कॉरिडोर पर नए फ्रेट टर्मिनल निर्माण की प्रक्रिया भी चल रही है।

हरियाणा के पूर्व गृह एवं स्वास्थ्य मंत्री अनिल विज ने कुछ माह पहले बताया था कि अम्बाला (Haryana news) की साइंस इंडस्ट्री पर अम्बाला का सबकुछ निर्भर करता है। उद्योगपतियों को बढ़ावा मिले, इसके लिए राज्य सरकार साहा ग्रोथ सेंटर के विस्तार हेतु 2300 एकड़ भूमि की खरीद करने जा रही है।

यह जानकारी अनिल विज ने कुछ समय पहले अंबाला में असीमा (अम्बाला साइंटिफिक इंस्ट्रूमेंट मैन्युफैक्चरर एसोसिएशन) के डिजिटल डायरी के विमोचन कार्यक्रम में बतौर मुख्यतिथि अम्बाला (Haryana news) के साइंस उद्योगपतियों को संबोधित करते हुए दी थी।

इस दौरान अनिल विज ने कहा था कि, अम्बाला की साइंस इंडस्ट्री द्वारा बनाए गए माइक्रोस्कोप या अन्य उपकरणों पर ही बड़े डाक्टर, इंजीनियर, स्पेस साइंटिस्ट व अन्य पढ़कर आगे बढ़े हैं। अम्बाला के विकास में साइंस इंडस्ट्री का महत्वपूर्ण योगदान है।

उन्होंने कहा था कि अम्बाला में इंडस्ट्री को बिजली, पानी, ट्रांसपोर्टेशन व अन्य सुविधाएं उपलब्ध कराई गई है जिससे व्यापार में इजाफा हुआ है। अम्बाला को इस समय सड़कों के जाल से बुना जा रहा है।

अम्बाला-साहा रोड (Haryana news) को फोरलेन किया जा चुका है जिससे उद्यमियों का अम्बाला से साहा ग्रोथ सेंटर तक आना-जाना काफी आसान हो गया है। इसी तरह, अब रिंग रोड, अम्बाला से दिल्ली वाया शामली एक्सप्रेस-वे, अम्बाला-कालाअम्ब व अम्बाला-चंडीगढ़ ग्रीन फील्ड एक्सप्रेस-वे का निर्माण हो रहा है। उन्होंने कहा कि यह प्रयास किए जा रहे हैं कि रिंग रोड को हाइवे नंबर 152-डी से जोड़ा जा सके।

 

साइंस इंडस्ट्री के लिए अम्बाला में बेहतर ढांचा उपलब्ध करवाएंगे : अनिल विज

विज ने अपने सम्बोधिकीय कार्यक्रम में कहा था कि “अमेरिका इसलिए अमीर नहीं है कि उसकी सड़के अच्छी है, उसकी सड़के अच्छी है इसलिए अमेरिका अमीर है”, हम बेहतर ढांचा उपलब्ध कराते हैं तो इसका लाभ अम्बाला की साइंस इंडस्ट्री को मिलेगा।

उन्होंने कहा था की, अब हमने अम्बाला (Haryana news) में डोमेस्टिक एयरपोर्ट का भी काम प्रारंभ कर दिया है और कोशिश है कि चार-पांच माह में विमान सेवा यहां से प्रारंभ की जा सके।

उन्होंने आगे कहा था की, अम्बाला में हमने बिजली व पानी की समस्या को दूर किया, आज अम्बाला में बिजली, पानी, सड़के व अन्य सुविधाएं हैं और एक इंडस्ट्री के लिए जो सुविधाएं चाहिए वह यहां उपलब्ध है।

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Jind private school bas ban : जींद में 10 साल पुरानी स्कूली बसों पर लगेगी पाबंदी, डीसी ने जारी किए ये आदेश

Jind private school bus ban : हरियाणा सरकार के आदेशों अनुसार, जिला जींद में 10 साल से अधिक पुरानी बसों को चलने की अनुमति नहीं मिलेगी। हरियाणा सरकार के आदेश को बयां करते हुए डीसी मोहम्मद इमरान रजा ने बैठक के दौरान रखी हैं। जबकि, उन्होंने यह भी कहा है कि, 10 साल पुरानी बसों (Jind private school bus ban) की एनओसी बनवाकर एनसीआर से स्कूल संचालक बाहर जरूर बेच सकते हैं। इसके साथ ही निजी स्कूल संचालकों की मुसीबतें और ज्यादा बढ़ चुकी है।

 

जींद जिले में कितनी हैं स्कूल बसें ?

डीसी ने प्राइवेट स्कूल एसोसिएशन के पदाधिकारियों को आदेश देते हुए कहा कि, विद्यार्थियों की सुरक्षा के लिए सरकार द्वारा स्कूली वाहनों के लिए सड़क सुरक्षा एवं सुरक्षित स्कूल वाहन नीति बनाई गई है। जींद जिले में करीब 900 स्कूल बसें हैं। जिनमें से 50 से ज्यादा बसें 10 साल से ज्यादा पुरानी हैं। पुरानी बसें (Jind private school bus ban) ज्यादातर ग्रामीण इलाकों के निजी स्कूलों की हैं। बजट कम होने के कारण निजी स्कूल संचालक पुरानी बसें खरीद लेते हैं। जो मानकों पर खरी नहीं उतरती।

 

स्कूल वाहन नियमों का पूरी तरह से पालन करने के लिए डीसी ने दिया समय

बता दे की, महेंद्रगढ़ के किनाना में स्कूल बस पलटने के बाद से ही पूरे हरियाणा में ये सख्त कार्रवाईयां बढ़ रही है। इसके बाद से कई निजी स्कूल बंद हैं और सरकार व प्रशासन की सख्ती शांत होने का इंतजार कर रहे हैं। शिक्षा विभाग की टीमें भी स्कूलों का दौरा कर सुरक्षा व्यवस्था पर नजर रख रही हैं। स्कूल संचालकों (Jind private school bus ban) के आह्वान पर जिला प्रशासन एव डीसी ने नियम पूरे करने के लिए कुछ समय दिया है।

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Haryana Happy Card update : इतने रूपिए तक बन रहा हरियाणा रोडवेज का हैप्पी कार्ड, पूरे साल उठा सकते है बस सफर का मुफ्त लाभ

Haryana Happy Card update : हरियाणा सरकार रोड़वेज बसों से यात्रा करने वाले यात्रियों के लिए एक खुशखबरी लेकर आई हैं, दरअसल जिनकी आय एक लाख रुपये वार्षिक हैं, उन लोगों के हैप्पी कार्ड बनाएं जा रहे हैं। सरकार ने 22.89 लाख परिवारों का कार्ड बनवाने के टारगेट रखा हैं।

अब हर दिन लोग बड़ी संख्या में इस कार्ड (Haryana Happy Card update) को पाने के लिए आवेदन कर रहें हैं। वहीं कार्ड की लागत 109 रुपये रखी गई हैं। इन हैप्पी कार्डों को प्रदेश के सभी 24 डिपो और 13 सब डिपो पर भेजा हैं, आवेदन करने वालों की बात करें तो एक अप्रैल तक प्रदेश में 7 लाख से ज्यादा लोग हैप्पी कार्ड के लिए आवेदन कर चुके हैं, प्रतिदिन पात्र लोगों द्वारा बड़ी संख्या में ऑनलाइन आवेदन किए प्रदेशभर में एक अप्रैल तक 2 लाख से ज्यादा हैप्पी कार्ड बन चुके है।

हैप्पी कार्ड से बस में कितने समय और किलोमीटर तक सफर कर सकते है ?

बता दें की, प्रतिदिन पात्र लोगों द्वारा बड़ी संख्या में ऑनलाइन आवेदन किए जा रहे हैं। 1000 किलोमीटर की यात्रा कर सकते हैं मुफ्त। अगर आपने हैप्पी कार्ड (Haryana Happy Card update) बनवा लिया हैं तो आप अपने इस कार्ड से हरियाणा रोडवेज बसों और हरियाणा रोडवेज से संबंधित बसों में एक साल में 1000 किलोमीटर तक की यात्रा मुफ्त कर सकते हैं। डिपो में आने के बाद आप 50 रुपये की फीस चुका कर अपना कार्ड प्राप्त कर सकते हैं।

कैसे रहेगी हैप्पी कार्ड की प्रोसेसिंग बस के सफर में ?

गौरतलब है की, हरियाणा अंत्योदय परिवार परिवहन योजना ( Haryana Antyodaya Family Transport Scheme) के माध्यम से एक लाख रुपये वार्षिक आय वालों को एक कार्ड दिया जा रहा हैं, यह कार्ड यात्री के लिए मुफ्त यात्रा की सुविधा देगा।

इसे हरियाणा रोडवेज बसों में मुफ्त यात्रा करने के लिए ई-टिकटिंग प्रणाली से जोड़ा गया हैं। बता दें कि यह एक स्मार्ट कार्ड है, हैप्पी कार्ड के लिए लाभार्थी को 50 रुपये का शुल्क देना होगा, कार्ड (Haryana Happy Card update) की लागत 109 रुपये रखी गई हैं, इसके अलावा कार्ड के वार्षिक रख रखाव 79 रुपये शुल्क भी वाहन किया जाएगा।

 

कौन बनवा सकता हैं, हरियाणा रोडवेज का हैप्पी कार्ड

👉हरियाणा के मूल निवासी ही इस योजना का लाभ ले सकते हैं।
👉जो इस कार्ड का लाभ ले रहा है उस परिवार की वार्षिक आय एक लाख रुपये होनी चाहिए।
👉 बता दें की, अंत्योदन श्रेणी में आने वाले परिवार ही इस योजना का लाभ ले सकते हैं।
👉 ध्यान रखें, परिवार पहचान पत्र में आय वेरीफाई होना जरूरी हैं।

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