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America news : अब अमेरिका में रहना होगा मुश्किल, अमेरिका में बसने का सपना देख रहे हैं तो ठीक से सोच लीजिए

America news : दशकों से रोजगार आधारित ग्रीन कार्ड (जीसी) का इंतजार करते-करते थक चुके भारतीयों को अमेरिका में रहने में मुश्किलें बढ़ रही हैं। हाल ही में, अमेरिकी नागरिकता और इमिग्रेशन सर्विस (USCIS) ने गर्व से एक्स पर पोस्ट किया कि भारत की एक 99 वर्षीय महिला को नागरिकता प्रदान की गई है। ‘वे कहते हैं कि उम्र सिर्फ एक नंबर है। यह बात 99 वर्षीय इस महिला के लिए सच साबित होती है जो हमारे ऑरलैंडो ऑफिस में नई अमेरिकी नागरिक बन गई हैं। दाईबाई भारत से हैं और निष्ठा की शपथ लेने के लिए उत्साहित थीं। ‘

एक व्यक्ति ने यूएससीआईएस को जवाबी बयान देते हुए लिखा, ‘हाहाहा, जल्द ही आप मरणोपरांत ग्रीन कार्ड देंगे!’ ग्रीन कार्ड अमेरिकी नागरिकता (America news) की ओर पहला कदम है। आम तौर पर, जी.सी. रखने के पांच साल बाद ही (अगर आप किसी अमेरिकी नागरिक से विवाहित हैं तो यह अवधि तीन साल तक कम हो जाती है) आप नागरिकता के लिए आवेदन कर सकते हैं। दिक्कत यह है कि अगर आप भारत से हैं तो इसके लिए दशकों तक लाइन में लगना पड़ता है।

 

अमेरिका ने 1920 से लीगल इमीग्रेशन को कर रखा है बैन

बता दें की, 1920 के दशक से ही अमेरिका (America news) ने लीगल इमीग्रेशन को प्रतिबंधित कर रखा है। कैटो इंस्टीट्यूट में इमीग्रेशन स्टडीज के निदेशक डेविड जे बियर बताते हैं कि यह सिस्टम उन लोगों को प्लान पूरी तरह से फेल कर देती है जो वैध और व्यवस्थित तरीके से ‘अमेरिका में रहने के सपने’ को पूरा करने की आकांक्षा रखते हैं।

उनके फरवरी 2024 के रिसर्ट में पता चलता है कि ‘ग्रीन कार्ड अप्रूवल रेट रिकॉर्ड निचले स्तर पर पहुंच गया। ये दिखाता है कि ग्रीन कार्ड का आवेदन जमा करने वालों में से महज 3 फीसदी को ही वित्त वर्ष 2024 (30 सितंबर, 2024 को समाप्ति) के दौरान स्थायी दर्जा प्राप्त होगा।

 

1 अक्टूबर, 2023 तक, लगभग 34.7 मिलियन एप्लिकेशंस पेंडिंग थे। 1996 में लगभग 10 मिलियन से ज्यादा आवेदन लंबित थे। कैटो इंस्टीट्यूट में इमीग्रेशन स्टडीज के निदेशक डेविड जे बियर कहते हैं कि इनमें से कई लोग सही मायने में आवेदक नहीं हैं। अधिकांश (ज्यादातर भारतीय) कैप नंबर उपलब्ध होने का इंतजार कर रहे हैं, जिसके बाद वे औपचारिक ग्रीन कार्ड आवेदन दायर कर सकते हैं।

समग्र सीमा के अलावा, चाहे वह रोजगार या परिवार आधारित जी.सी. के लिए हो, कोई भी देश ग्रीन कार्ड (देश की सीमा) के 7 फीसदी से अधिक प्राप्त नहीं कर सकता है। यह लिमिट भारतीयों और, कुछ हद तक, चीनी नागरिकों पर प्रतिकूल प्रभाव डालती है।

नेशनल फाउंडेशन फॉर अमेरिकन पॉलिसी, जिसने हाल ही में इमिग्रेशन संबंधी आंकड़ों का विश्लेषण किया है, बताया कि 1.2 मिलियन से अधिक हाई स्किल्ड भारतीय, जिनमें उनके आश्रित भी शामिल हैं, पहले, दूसरे और तीसरे रोजगार-आधारित जी.सी. कैटेगरी में प्रतीक्षा कर रहे हैं।

 

रोजगार के आधार पे मिलता है ग्रीन कार्ड

वित्त वर्ष 2024 में, लगभग 8 फीसदी पेंडिंग रोजगार आधारित आवेदनों को ग्रीन कार्ड के लिए स्वीकृत किया जाएगा। लेकिन इनमें से अधिकांश उन आवेदकों को नहीं मिलेंगे जिन्होंने सबसे लंबे समय तक इंतजार किया है। वहीं अमेरिका (America news) कुल सीमा 1.4 लाख प्रति वर्ष निर्धारित की गई है, साथ ही इस श्रेणी में आने वाले परिवार से संबंधित ग्रीन कार्ड भी शामिल हैं।

इसके बजाय, देश की सीमा के कारण, अगले साल अप्लाई करने वाले आवेदक चीन और भारत के आवेदकों को पीछे छोड़ देंगे। इनमें से कई पहले से ही 100 से अधिक वर्षों से प्रतीक्षा कर रहे हैं।

पहले के रिसर्च से पता चला था कि भारत से रोजगार आधारित GC बैकलॉग (EB-2 और EB-3 स्किल्ड कैटेगरी) मार्च 2023 में 1 मिलियन को पार कर गया। अगर मृत्यु और ‘उम्र बढ़ने’ जैसे कारकों पर विचार किया जाए, तो GC के लिए प्रतीक्षा अवधि 54 साल है। अन्यथा, यह 134 साल है।

 

क्या है ? परिवार प्रायोजित ग्रीन कार्ड

इस श्रेणी में प्रतीक्षा कर रहे 4.14 लाख भारतीय ग्रीन कार्ड प्राप्त करने से पहले ही मर जाएंगे। भारतीय परिवारों के 1 लाख से अधिक बच्चे वयस्क हो जाएंगे (21 वर्ष के हो जाएंगे), और उनका डिपेंडेंट वीजा अब मान्य नहीं होगा, और वे ग्रीन कार्ड की लाइन से बाहर हो जाएंगे।

इन 21 वर्षीय लोगों के लिए, इसका मतलब है इंटरनेशन स्टूडेंट वीजा (America news) या फिर सेल्फ डिपोर्टेशन। अध्ययन के बाद, अगर वे अमेरिका में रहना जारी रखना चाहते हैं, तो इतिहास खुद को दोहराता है, H-1B और ग्रीन कार्ड बैकलॉग के प्रयासों के साथ ही ऐसा होगा।

जी.सी. धारकों के जीवनसाथी और नाबालिग बच्चों के लिए 2.26 लाख की सीमा है। यहां तक कि अमेरिकी नागरिकों के वयस्क बच्चे और भाई-बहन भी इस श्रेणी में आते हैं। यहां, मेक्सिको और फिलीपींस के लोगों को सबसे लंबा इंतजार करना पड़ता है।

 

बाइडेन के 2020 के चुनावी वायदे

अपने 2020 के चुनावी अभियान में, जो बाइडेन ने कानूनी आव्रजन प्रणाली (लीगल इमिग्रेशन सिस्टम) में सुधार का वादा किया था। 21 जनवरी, 2021 को पदभार ग्रहण करने के अपने पहले दिन, उन्होंने कांग्रेस को यूएस सिटिजनशिप एक्ट भेजा। भारतीय प्रवासियों के लिए और वास्तव में, अमेरिका (America news) में रहने के इच्छुक लोगों के लिए – रोजगार-आधारित वीजा बैकलॉग को साफ करने का प्रस्ताव इसमें था। इसके अलावा अनयूज्ड वीजा को फिर प्राप्त करने, लंबे प्रतीक्षा समय को कम करने और प्रति देश वीजा कैप को समाप्त करने के प्रपोडल भी इसमें प्रमुख थे।

इस विधेयक में एच-1बी वीजा धारकों के आश्रितों को काम करने की अनुमति भी दी गई है। उनके बच्चों को सिस्टम से ‘वृद्धावस्था से बाहर’ होने से बचाया गया है। ये सुधार – भले ही इसके बाद आए द्विदलीय विधेयकों सहित कई अन्य बिल में नजर आया। हालांकि, ये फलीभूत नहीं हुए। 2024 के लिए बाइडेन का कैंपेन लोगो है- ‘चलो काम खत्म करते हैं’। अभी तक, राजनीतिक बहसों और तीखे हमलों में बॉर्डर कंट्रोल पर ध्यान केंद्रित किया गया है। भारतीय प्रवासी इंतजार कर रहे हैं।

 

भारतीयों के प्रति ट्रम्प का प्रस्तावित नियोजना

भारतीय प्रवासियों के दृष्टिकोण से, जन्म से नागरिकता (America news) को खत्म करना एक गंभीर मुद्दा होगा। ट्रम्प की ओर से लीगल इमिग्रेशन पर भी नकेल कसने की संभावना है।

इसमें फिर से H-1B वीजा में पत्नियों के वर्क परमिट को खत्म करने, अंतर्राष्ट्रीय छात्रों के लिए वीजा अवधि को सीमित करने, उनके लिए अध्ययन के बाद के स्टडी वर्क प्रोग्राम को सीमित करने और H-1B वीजा कार्यक्रम में सख्ती लाने से संबंधित नीतियों को देख सकते हैं। जैसे कि इन वीजा (America news) को सबसे अधिक वेतन पाने वालों को आवंटित करना। लीगल इमिग्रेंट्स के लिए बदलाव की हवा अभी तक आती नहीं दिख रही है।

डोनाल्ड ट्रम्प का इमिग्रेशन विरोधी रुख, कथित तौर पर, और भी तेज होगा। बड़े पैमाने पर निर्वासन, डाका (डेफर्ड एक्शन फॉर चाइल्डहुड अराइवल्स) को खत्म करना, जो उन लोगों को सुरक्षा प्रदान करता है जो बिना दस्तावेज वाले अप्रवासियों के बच्चों के रूप में अमेरिका में प्रवेश करते हैं। इसके अलावा मुस्लिम देशों से आने वालों के लिए यात्रा प्रतिबंध कार्ड पर प्रतीत होते हैं।

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Indian Currency vs Dollar : साल 2027 तक भारतीय रुपये की कीमत डॉलर के मुकाबले बढ़ेगी वैल्यू ? आजादी से पहले बराबर थी दोनों की वैल्यू

Indian Currency vs Dollar : डॉलर के प्रति रूपिए की कमज़ोर हालोतों को देखते हुए, भारत दुनियाभर में लेन-देन और निवेश के लिए तेजी से भारतीय रुपये के उपयोग को बढ़ा रहा है। इसी मकसद से पिछले साल सरकार ने फॉरेन ट्रेड पॉलिसी का ऐलान किया था ताकि वर्ल्ड वाइड विदेश वाणिज्य परिचालन में घरेलू मुद्रा का इस्तेमाल बढ़ाया जा सके।

अमेरिकी डॉलर के मुकाबले भारत के रुपये की कीमत 83.15 रुपये (Indian Currency vs Dollar) है और आने वाले सालों में इसमें कमी आएगी या बढ़ोतरी, इसे लेकर एक्सपर्ट्स ने अनुमान लगाया है।

गौरतलब है की, आजादी से पहले भारतीय रुपये और अमेरिकी डॉलर की कीमत बराबर हुआ करती थी। यानी भारत का एक रुपया अमेरिका के एक डॉलर (Indian Currency vs Dollar) के बराबर होता था। लेकिन आजादी के बाद इसमें बड़ी तेजी से बदलाव आया और आज भारत के 83.15 रुपये एक अमेरिकी डॉलर के बराबर हैं।

 

2027 तक भारत का रुपिया डॉलर के प्रति कितना गिर जाएगा ?

एक्सपर्ट्स के अनुमान के अनुसार, 2027 तक डॉलर के मुकाबले भारतीय रुपये (Indian Currency vs Dollar) की वैल्यू में लगातार कमी आएगी और यह 90 रुपये से भी और नीचे चला जाएगा। एक्पर्ट्स ने रुपये की वैल्यू को लेकर लंबे समय की भविष्यवाणी की है।

वॉलेट इनवेस्टर ने भारतीय रुपये को लेकर भविष्यवाणी करते हुए कहा है की, 2025 में भारतीय रुपये में फिर से कमी आएगी और साल के अंत तक एक डॉलर की कीमत 88.276 रुपये के बराबर हो जाएगी और यह कमी जारी रहेगी। साल 2027 के नवंबर में एक डॉलर की वैल्यू 91.78 इंडियन रुपये (Indian Currency vs Dollar) के बराबर हो जाएगी। जबकि एक्सपर्ट्स का यह भी मानना है कि 2032 तक यह आंकड़ा 92 रुपये तक पहुंच जाएगा।

 

आजादी से पहले भारत का रुपिया डॉलर के प्रति अब तक का उतार- चढ़ाव ग्राफ ?

आजाद के बाद भारतीय रुपये की कीमत में बड़ा बदलाव देखा गया है। उससे पहले भारत के एक रुपये की कीमत 1 अमेरिकी डॉलर के बराबर थी। कुछ लोगों का तो यह भी कहना है कि, रुपये की कीमत डॉलर से ज्यादा हुआ करी थी, लेकिन ऐसा माना जाता है कि मीट्रिक सिस्टम आने से पहले सारी करेंसी की वैल्यू एक समान थी। करेंसी की वैल्यू सेट करने के लिए साल 1944 में ब्रिटन वुड्स एग्रीमेंट लाया गया।

एग्रीमेंट के तहत सभी देशों में सहमति बनाई गई और वैश्विक करेंसी की वैल्यू सेट की गई। साल 1947 के बाद रुपये (Indian Currency vs Dollar) में कमी आनी शुरू हो गई। कंटेंपरेरी मीट्रिक सिस्टम के अनुसार, साल 1913 में एक डॉलर के मुकाबले भारतीय रुपये की कीमत 0.09 रुपये थी। 1948 में यह 3.31 रुपये हो गई। इसके बाद 1949 में 3.67 रुपये और 1970 में 7.50 रुपये पर पहुंच गई।

बता दें की, साल 2022 में इंडियन रुपये में बड़ी गिरावट देखने को मिली और डॉलर के मुकाबले रूपिए के वैल्यू में 11 फीसदी की कमी आ गई। 2022 के शुरू में यह 74.40 रुपये था और 2023 में रुपया डॉलर के मुकाबले 83.15 रुपये पहुंच गया।

पिछले साल 20 अक्टूबर को अमेरिका की कड़ी मोनेट्री पॉलिसी की वजह से रुपये को बड़ा झटका लगा और इसकी कीमत 82.77 रुपये पहुंच गई। 1948 से अब तक भारतीय रुपया (Indian Currency vs Dollar) डॉलर के मुकाबले 79.46 रुपये गिरा है।

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Char-Dham Yatra Update : चारधाम यात्रा के लिए ई-पास बनवाना अब आवश्यक नहीं, आए जानें क्यों जरूरी नहीं

Char-Dham Yatra Update : जो भी नागरिक चार धाम घूमने की इच्छा रखता है। वह विभाग की अधिकारिक वेबसाइट के माध्यम से ऑनलाइन पंजीकरण करवा सकता है। क्योंकि उत्तराखंड पर्यटन विभाग द्वारा चार धाम यात्रा के लिए पंजीकरण प्रक्रिया शुरू कर दी है। यदि आप घूमने जा रहे हो, तो आपको ई-पास के लिए पंजीकरण करवाना होगा। क्योंकि सरकार द्वारा ई-पास की व्यवस्था बंद कर दी गई है। हाईकोर्ट के निर्देशिका के मुताबिक, चार धाम यात्रा के लिए या़ित्रयों की संख्या को निर्धारित किया गया है। इसलिए, सभी यात्रीगण को चार धाम यात्रा (Char-Dham Yatra Update) के लिए पंजीकृत करवाना आवश्यक है।

 

चार धाम यात्रा पंजीकरण 2024 कैसे करें ?

बता दें कि, पहले चार धाम यात्रा के लिए सभी यात्रियों को ई-पास बनवाना आवश्यक था, लेकिन अब सरकार ने श्रद्धालुओं की संख्या बढ़ाने के लिए पंजीकरण की सुविधा शुरू की है। अब सभी यात्रियों को सुविधा के लिए पंजीेकरण करवाना होगा। अगर आप सभी तीर्थ यात्री चार धाम यात्रियों (Char-Dham Yatra Update) पर घूमना चाहते हैं, तो आप सभी के लिए पंजीकृत प्रक्रिया शुरू हो चुकी है। पहले लोग चार धाम यात्रा के लिए ई-पास बुक बनवाने के लिए दर्शन के लिए जाना पड़ता था। पर अब सरकार के अनुसार, आपको केवल वेबसाइट पर जाकर ऑनलाइन पंजीकरण करना होगा।

 

चार धाम यात्रा का ऑनलाईन पंजीकरण का समीकरण इस प्रकार

1. आर्टिकल में जानकारी:- चार धाम पंजीकरण
2. लाभार्थीः- श्रद्धालु
3. राज्यः- उत्तराखंड
4. आवेेदन प्रक्रियाः- ऑनलाइन एंव ऑफलाइन दोनों
5. टोल फ्री नंबरः- उत्तराखंड निवासियों के लिए 1364 वहीं अन्य राज्यों के लिए 01351364
6. अधिकारिक वेबसाइट:- registrationandtouristcare.uk.gov.in

 

पंजीकरण केंद्रों की सूची इस प्रकार

राज्य के जिलों के नाम और उनके स्थित पंजीकरण केंद्र जैसेः-

हरिद्वार-राही होटल
उत्तरकाशी-हिना
उत्तरकाशी-जन की चट्टी
उत्तरकाशी-गंगोत्री
चमोली-पाखी
चमोली-बद्रीनाथ
रूद्रप्रयाग-केदारनाथ
देहरादून-गुरूद्वारा, ऋषिकेश
देहरादून-आरटीओ
उत्तरकाशी-गंगोत्री
चमोली-हेमकुंड
हरिद्वार-रेलवे स्टेशन
उत्तरकाशी-यमुनोत्री
उत्तरकाशी-डोबट्टा, बड़कोट
चमोली-गोविंदा घाट
चमोली-जोशीमठ
चमोल-हेमकुंडा साहिब
रूद्रप्रयाग-फट्टा
रूद्रप्रयाग-गौरीकुंड
देहरादून-आईएसबीटी, ऋषिकेश
उत्तरकाशी-यमुनोत्री
चमोली-बद्रीनाथ
रूद्रप्रयाग-केदारनाथ

 

दस्तावेज वेरिफिकेशन केंद्रों की लिस्ट इस प्रकार

दस्तावेज सत्यापन केंद्र के स्थानों के नाम जैसेः- उत्तरकाशी, चमोली, रूद्रप्रयाग, गंगोत्री, बद्रीनाथ, हेमकुंड साहिब, केदारनाथ।

 

इमरजेंसी सेवाओं के लिए हेल्पलाइन नंबर

पुलिस विभाग: 112
फायर ब्रिगेड: 101
एम्बुलेंस: 108
महिला हेल्पलाइन: 1090
टूरिज्म हेल्पलाइन यात्रा नियंत्रण रूम: 01352559898
टूरिज्म जानकारी सेवाएं: 1364

 

चार धाम यात्रा के लिए आवश्यक दस्तावेज

आधार कार्ड
पैन कार्ड
चालक लाइसेंस
वोटर आईडी कार्ड

 

चार धाम यात्रा के लिए पंजीकरण इस प्रकार करें

आप सबसे पहले आधिकारिक वेबसाइट registrationandtouristcare.uk.gov.in पर जाएं।
होम पर जाने के बाद आप रजिस्टर या लोग-ईन के ऑप्शन पर क्लिक करें।
इसके बाद अब आपके सामने एक नया पेज आ जाएगा।
अब यहां आप इंडियन पीलग्रीम Indian Pilgrim का चयन करें। यदि आप विदेश से हैं तो Foreign Pilgrim का चयन करें।
इसके बाद अब पंजीकरण आवेदन मे मांगी गई सभी जानकारी दर्ज करें।
इसके बाद अब अपना नया पासवर्ड दर्ज या करेट करें।
पासवर्ड बनने के बाद अब आप साइन-अप के ऑप्शन पर क्लिक करें।
इस प्रकार से आप चार धाम या़त्रा (Char-Dham Yatra Update) के लिए पंजीकरण कर सकतें हैं।

 

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BJP MANIFESTO : भाजपा के संकल्प पत्र में कौन से शब्द कितनी बार : 65 बार मोदी का जिक्र, तीन बार भ्रष्टाचार, महंगाई पर एक बार, रोजगार बारे 30 बार जिक्र

नई दिल्ली। लोकसभा चुनाव (parliament election 2024) के लिए भाजपा (BJP) ने आज अपना चुनावी संकल्प पत्र (menifesto) जारी कर दिया है। इस बार इसे ‘मोदी की गारंटी’ नाम दिया गया है। 10 साल पहले 2014 में मोदी पीएम बने थे तो उस समय संकल्प पत्र में मोदी के नाम का मात्र 3 बार जिक्र किया गया था, जबकि 10 साल बाद अब मोदी का जिक्र 65 बार हुआ है। पहले इसे घोषणा पत्र कहा जाता था तो अब इसे संकल्प पत्र बुलाया जा रहा है।

2024 का भाजपा मेनिफेस्टो

भाजपा के मेनिफेस्टो में हमेशा बड़े नेता का चित्र पहले पन्ने पर रहा है। 2009 में अटल बिहारी वाजपेयी, आडवानी व राजनाथ को आगे रखा तो 2014 में नरेंद्र मोदी पहले पन्ने पर आ गए, उनके साथ पार्टी के 10 नेता भी थे, जबकि 2019 में सिर्फ मोदी की ही तस्वीर लगाई गई। इस बार 2024 में मोदी के साथ जेपी नड्ढा की भी तस्वीर लगी है।

2009 का भाजपा मेनिफेस्टो
2014 का भाजपा मेनिफेस्टो
2014 का भाजपा मेनिफेस्टो
2019 का भाजपा मेनिफेस्टो
2019 का भाजपा मेनिफेस्टो

अब मेनिफेस्टो के प्रमुख शब्दों की बात करें तो देखने में आया कि 2009 में 48 बार भ्रष्टाचार का जिक्र हुआ, 2014 में 20 बार, 2019 में 14 बार, 2024 में तीन बार भ्रष्टाचार बारे जिक्र हुआ है।

वहीं आतंकवाद बारे 2009 में 11 बार, 2014 में 6 बार, 2019 में 14 बार, 2024 में 9 बार जिक्र हुआ है। इंफ्रास्ट्रक्चर बारे 2009 में 50 बार, 2014 में 31 बार, 2019 में 38 बार, 2024 में 59 बार जिक्र किया गया।

विकास पर 2009 में 248 बार, 2014 में 84 बार, 2019 में 79 बार, 2024 में 51 बार जिक्र हुआ। अर्थव्यवस्था बारे 2009 में 156 बार, 2014 में 21 बार, 2019 में 30 बार, 2024 में 10 बार लिखा गया।

संविधान पर 2009 में 78 बार, 2014 में 6 बार, 2019 में 8 बार, 2024 में 3 बार जिक्र हुआ।

राम मंदिर बारे 2019 में 11 बार, 2014 में एक बार, 2019 में 3 बार व 2024 में 2 बार लिखा गया। गाय बारे 2009 में 24 बार, 2014 में 4 बार, 2019 में एक बार लिखा तो 2024 में एक बार भी जिक्र नहीं हुआ।

महंगाई पर 2009 में 6 बार, 2014 में 7 बार, 2019 में शून्य और 2024 में एक बार जिक्र है। शिक्षा पर 2009 में 127 बार, 2014 में 58 बार, 2019 में 41 बार, 2024 में 29 बार लिखा गया। रोजगार पर 2009 में 26 बार, 2014 में 27 बार, 2019 में 3 बार व 2024 में 30 बार लिखा गया।

मोदी ने 2024 की गारंटी यानी वादे गिनाए। इसमें 70 साल की उम्र से ऊपर के किसी भी वर्ग के बुजुर्गों को आयुष्मान भारत योजना के तहत 5 लाख रुपए तक के मुफ्त इलाज, गरीबों के लिए 3 करोड़ घर, गरीबों को मुफ्त राशन 2029 तक देने की गारंटी दी।

पीएम मोदी ने कहा- 4 जून को नतीजे आने के तुरंत बाद बीजेपी के ‘संकल्प पत्र’ पर काम शुरू हो जाएगा। सरकार ने 100 दिन की कार्ययोजना पर काम शुरू कर दिया है। देश की जनता की महत्वाकांक्षा ही मोदी का मिशन है।

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electricity Bill waived : सरकार द्वारा सभी लोगों का बिजली बिल माफ हो रहा है, ऐसे करें ऑनलाइन आवेदन

electricity Bill waived : मिडिल क्लास के लोगों के लिए यूपी सरकार बिजली बिल कटौती या बिजली बिल माफी का एक तोहफा दिया है। बता दें की, उत्तर प्रदेश राज्य सरकार द्वारा मध्यम आय वर्ग के नागरिकों के लिए बिजली बिल माफी योजना शुरू की गई है। जिसके तहत नागरिकों को केवल ₹200 बिजली बिल (electricity Bill waived) का भुगतान करना होगा और यदि बिजली बिल ₹200 से कम है, तो नागरिकों को मूल बिल का ही भुगतान करना होगा।

 

किन नागरिकों को नहीं मिलेगा योजना (electricity Bill waived) का लाभ

गौरतलब है की, इस योजना का लाभ उन नागरिकों को नहीं मिलेगा जो 1000 वॉट से अधिक का एसी या हीटर का उपयोग करते हैं। योजना का लाभ केवल पंखा, ट्यूब लाइट और टीवी आदि का उपयोग करने वाले उपभोक्ताओं को ही दिया जाएगा। यदि आप इन नियमों का पालन करते हैं।

आए जानें बिजली बिल माफ़ी (electricity Bill waived) योजना क्या है ?

योजना के तहत नागरिकों को केवल ₹200 बिजली बिल का भुगतान करना होगा। इस योजना का लाभ उन उपभोक्ताओं को मिलेगा जो 1000 वॉट से कम बिजली की खपत करते हैं। घरेलू उपभोक्ता जो केवल 2 किलोवाट या उससे कम बिजली मीटर का उपयोग करते हैं। जिसका लाभ मध्यम आय वर्ग के नागरिकों को दिया जाएगा।

वे इस योजना के तहत आवेदन करने के पात्र हैं और योजना का लाभ छोटे जिलों और गांवों के नागरिकों को दिया जाएगा। सरकार ने लक्ष्य रखा है कि, योजना के तहत 1.70 करोड़ उपभोक्ताओं को बिजली माफी योजना का लाभ दिया जाएगा। ताकि नागरिकों को बिजली बिल (electricity Bill waived) में राहत मिल सके और उनकी वित्तीय स्थिति में सुधार हो सके।

 

बिजली बिल माफी (electricity Bill waived) योजना के लाभ एवं पात्रता

उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा बिजली बिल माफी योजना शुरू की गई है जिसमें नागरिकों को बिजली बिल के लिए केवल ₹200 तक का भुगतान करना होगा।

यदि उपभोक्ता का बिजली बिल 200 रुपये से कम है, तो उसे केवल मूल बिल (electricity Bill waived) का भुगतान करना होगा।

अगर उपभोक्ता 1000 वॉट से अधिक के एसी या हीटर आदि का इस्तेमाल करते हैं, उन्हें इस योजना का लाभ नहीं मिल पाएगा।

बता दें की, इस योजना का लाभ केवल उन्हीं उपभोक्ताओं को मिलेगा जो पंखा, ट्यूब लाइट और टीवी का उपयोग करते हैं।

2 किलो वॉट या उससे कम बिजली मीटर का उपयोग करने वाले उपभोक्ता इस योजना का लाभ उठाने के पात्र होंगे।

योजना का लाभ केवल छोटे जिलों और गांवों के नागरिकों को ही दिया जाएगा।

उत्तर प्रदेश के 1.70 करोड़ उपभोक्ताओं को सरकार द्वारा बिजली बिल माफी योजना यूपी 2024 का लाभ मिलेगा।

यूपी बिजली बिल माफी योजना का लाभ केवल उत्तर प्रदेश राज्य के मूल निवासी ही उठा सकेंगे।

यूपी बिजली बिल माफी (electricity Bill waived) योजना 2024 के लिए कुछ महत्वपूर्ण दस्तावेजों की आवश्यकता होगी जो इस प्रकार हैं

आयु प्रमाण पत्र
राशन पत्रिका
बैंक पासबुक
पासपोर्ट साइज फोटो
मोबाइल नंबर
ईमेल आईडी।
आधार कार्ड
आय प्रमाण पत्र
निवास प्रमाण पत्र
पुराना बिजली बिल

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Toll tax discount : टोल टैक्स में इन लोगों को भारी छूट, बिना रोक-टोक से देशभर में कर सकते है सफर

Toll tax discount :  भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण ने राजमार्गों पर यातायात की निर्बाध गति सुनिश्चित करने के लिए और टोल प्लाजा पर वाहनों की लंबी कतारों को कम करने के लिए महत्वपूर्ण कदम उठाए हैं। इसके बावजूद अभी भी अक्सर लोगों को टोल प्लाजा पर लंबी प्रतीक्षा का सामना करना पड़ता है।

 

टोल टैक्स में छूट पानें कि कैटेगरी

आपको बता दें कि, एनएचएआई के नियमों के अनुसार कुछ विशेष वाहन कैटेगरी को टोल प्लाजा पर टोल टैक्स (Toll tax discount) से छूट प्रदान की गई है। इसमें आपातकालीन सेवाओं जैसे फायर ब्रिगेड, एंबुलेंस और पुलिस वाहनों को शामिल किया गया है।

ऐसे में आपतकालीन साधनों के अलावा रक्षा सेवाओं के वाहन, राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री, उच्च न्यायालय के न्यायधीश और विदेशी गणमान्य व्यक्तियों के वीआईपी वाहन भी इस छूट के अंतर्गत आते हैं। वहीं सार्वजनिक परिवहन वाहन और कुछ स्थितियों में दोपहिया वाहनों को भी छूट का लाभ मिलता है।

 

टोल प्लाजा में किन वाहनों को छूट नही है

हालांकि प्राइवेट वाहनों को इस तरह की कोई छूट नहीं दी गई है, एनएचएआई ने नए दिशा-निर्देशों में एक खास प्रावधान किया है। यदि किसी टोल प्लाजा पर वाहनों की कतार 100 मीटर से अधिक लंबी होती है तो, ऐसी स्थिति में वाहनों को बिना टोल टैक्स (Toll tax discount) चुकाए जाने की अनुमति होती है। इसका उद्देश्य टोल प्लाजा पर वाहनों की आवाजाही को सही रखता है।

 

100 मीटर की सीमा कैसे पता करें ?

100 मीटर की सीमा को पहचानने के लिए हर टोल लेन पर एक पीली रेखा खींची गई है। वाहन चालकों को समझनें के लिए यह पीली रेखा मदद करती है कि, वे इस सीमा के अंदर हैं या बाहर। इस प्रणाली को लागू करके एनएचएआई ने टोल प्लाजा ऑपरेटरों में जवाबदेही और पारदर्शिता बढ़ाने का प्रयास किया है।

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cashew-almond price update : कश्मीर, हिमाचल में नहीं भारत मे इस जगह मिलते हैं सबसे सस्ते काजू, बादाम, आलू-टमाटर जितना रेट

cashew-almond price update : आपको जानकर हैरानी होगी, हजार रुपये या उससे ज्यादा कीमत पर मिलने वाले काजू- बादाम भारत में एक जगह पर रद्दी के भाव में मिलते हैं। जहां काजू-बादाम सस्ते में बिकने के कारण किसानों का गुजारा ठीक से नी हो पाता।

ऐसे में क्या आप एक ऐसी जगह के बारे में जानते हैं,  जहां आमतौर पर 1000 रुपये किलो में मिलनेे वाले काजू-बादाम (cashew-almond price update) 30 से 40 रुपए किलो में मिल जाते हैं।

हम सभी को पता है कि, सेहत के लिए सूखे मेवे कितने फायदेमंद होते हैं। यदि किसी व्यक्ति को कमजोरी हो या उसकी आंखों की रोशनी बढ़ानी हो या फिर याददाश्त तेज करनी हो, ये मेवे इन सभी चीजों में बहुत लाभादायक होते हैं। हालांकि इनकी कीमत के चलते हर किसी को इन्हें खरीदना मुश्किल होता है।

 

झारखंड के जामताड़ा को कहा जाता है काजू की नगरी

आपको बता दें कि झारखंड के जामताड़ा को काजू की नगरी कहा जाता हैं। क्योंकि यहां पर काजू का उत्पादन उच्च मात्रा में होता है, इसलिए लोग इसे जादू नगरी कहते है।

आपको जानकर हैरानी होगी कि भारत में सबसे सस्ता ड्राय फ्रूट भारत के झारखंड में ही मिलता है। दरअसल, झारखंड में बड़ी मात्रा में काजू (cashew-almond price update) की खेती होती है। यहां हर साल हजारों टन काजू पैदा होता है। यहां ड्रायफ्रूट्स कौड़ियों के भाव में मिल जाता है।

 

जामताड़ा में काजू- बादाम की कीमत

झारखंड के जामताडा में काजू-बादाम सड़क किनारे आसानी से काजू-बादाम बेचते हुए लोग मिल जाएंगे। जिनकी कीमत 30 से 40 रुपए किलो होती है। और यहीं काजू- बादाम (cashew-almond price update) आपको भारतीय बाजारों में लगभग 900 रुपए से 1000 रुपए किलो में सोने के भाव में मिलते हैं।

 

किसान को नहीं मिल पाता मुनाफा ?

जामताड़ा के गांव नाला में लगभग 50 एकड़ जमीन में काजू की खेती होती है। इसके अलावा झारखंड के दुमका और संथाल परगना प्रमंडल में भी काजू की खेती होती है। हालांकि यहां किसानों को उनकी उपज का सही मूल्य नहीं मिल पाता है। क्योंकि यहां प्रोसेसिंग प्लांट भी नहीं हैए यही वजह है यहां ग्रामीणों को खेती से ज्यादा मुनाफा नहीं हो पाता है।

इसलिए यहां बागानों में काम करने वाले लोग भी सस्ते दामों पर काजू (cashew-almond price update) बेच देते हैं, जिससे आमजन को तो फायदा मिल जाता है, पर किसानों को ज्यादा मुनाफा नहीं होता।

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Gold price: The trend of increase in gold and silver prices continues in India, gold crosses Rs 71,500.

Gold price : भारत में सोने-चांदी के दाम में बढ़त का सिलसिला जारी, सोना 71,500 रुपये के पार

Gold price increase : बुधवार के दिन भारत में सोने-चांदी की कीमतों में बढ़त का सिलसिला जारी अभी तक है, सोना जहां 71,500 रुपये के रिकॉर्ड को पार कर गया है, वहीं चांदी की कीमत में 400 रुपये से ज्यादा का उछाल देखा जा रहा है और ये 83ए000 रुपये के बेहद करीब पहुंच गई है। ऐसे में यह 83,000 रुपये के लेवल को कभी भी पार कर सकती है।

 

एमसीएक्स पर खूब बढ़ रही सोने की चमक

बुधवार को सोना (Gold price increase) कल के मुकाबले 243 रुपये महंगा होकर 71,583 रुपये प्रति 10 ग्राम के रेट पर पहुंच गया है। इससे पहले सोना मंगलवार को 71,340 रुपये पर बंद हुआ था। इस प्रकार भारत में वायदा बाजार यानी एमसीएक्स पर सोने की कीमत में जबरदस्त तेजी देखी जा रही है।

 

 

चांदी की चमक करीब 83,000 रुपये के पास पहुंची

मंगलवार को चांदी एमसीएक्स पर 82,450 रुपये पर बंद हुई थी। सोने के साथ-साथ चांदी की चमक में भी जबरदस्त इजाफा देखा जा रहा है और यह रिकॉर्ड 83,000 रुपये के करीब जा रही है। एमसीएक्स पर चांदी का मई वायदा 82,877 रुपये प्रति किलोग्राम तक पहुंच गई है। इसमें आज 427 रुपये का उछाल दर्ज हुआ है। ।

 

 

देश के प्रमुख शहरों में क्या है सोने-चांदी के मूल्य .

पुणे में 24 कैरेट सोना 72,110 रुपये प्रति 10 ग्राम और चांदी 85,500 रुपये प्रति किलोग्राम बिक रही है।
लखनऊ में 24 कैरेट सोना 72,260 रुपये प्रति 10 ग्राम और चांदी 85,500 रुपये प्रति किलोग्राम बिक रही है।
जयपुर में 24 कैरेट सोना 72,260 रुपये प्रति 10 ग्राम और चांदी 85,500 रुपये प्रति किलोग्राम बिक रही है।
पटना में 24 कैरेट सोना 72,160 रुपये प्रति 10 ग्राम और चांदी 85,500 रुपये प्रति किलोग्राम बिक रही है।
चंडीगढ़ में 24 कैरेट सोना 72,260 रुपये प्रति 10 ग्राम और चांदी 85,500 रुपये प्रति किलोग्राम बिक रही है।

 

 

अंतरराष्ट्रीय बाजार में भी बढ़ रहे सोने-चांदी के रेट

चेन्नई में 24 कैरेट सोना 72,110 रुपये प्रति 10 ग्राम और चांदी 89,000 रुपये प्रति किलोग्राम बिक रही है।
मुंबई में 24 कैरेट सोना 72,110 रुपये प्रति 10 ग्राम और चांदी 85,500 रुपये प्रति किलोग्राम बिक रही है।
दिल्ली में 24 कैरेट सोना 72,260 रुपये प्रति 10 ग्राम और चांदी 85,500 रुपये प्रति किलोग्राम बिक रही है।
कोलकाता में 24 कैरेट सोना 72,110 रुपये प्रति 10 ग्राम और चांदी 85,500 रुपये प्रति किलोग्राम बिक रही है।
अहमदाबाद में 24 कैरेट सोना 72,160 रुपये प्रति 10 ग्राम और चांदी 85,500 रुपये प्रति किलोग्राम बिक रही है।

 

 

कॉमैक्स पर गोल्ड (Gold price increase) जून फ्यूचर्स 5.63 डॉलर प्रति औंस की बढ़त के साथ 2,359.19 डॉलर प्रति औंस पर बना हुआ है। चांदी कॉमैक्स पर मई फ्यूचर्स कॉन्ट्रेक्ट 0.399 डॉलर की तेजी के साथ 28.378 डॉलर प्रति औंस पर पहुंच गई है। इस प्रकार घरेलू बाजार की तरह ही विदेशी बाजारों में भी सोने-चांदी (Gold price increase) के दाम में बढ़ोतरी का सिलसिला जारी है।

 


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Sangeeta dhull ; हरियाणा के साधारण से किसान की बेटी विश्व स्तरीय कान्फ्रेंस के लिए इटली रवाना, पूरे भारत से 3 ही सदस्य चयनित हुए, उनमें से एक संगीता ढुल

Sangeeta dhull jind : भाकियू जिला प्रवक्ता रामराजी पोंकरीखेड़ी की बेटी संगीता ढुल ने अपनी खाप और देश का नाम रोशन किया है। संगीता ढुल (Sangeeta dhull) ने फिजिक्स कंप्यूटिंग में दिल्ली युनिवर्सिटी से पीएचडी कर रही है। संगीता दिल्ली युनिवर्सिटी (delhi university) से विश्व स्तरीय कान्फ्रेंस के लिए इटली रवाना हो गई है। इस कान्फ्रेंस के लिए पूरे भारत से तीन ही सदस्य चयनित हुए हैं। जिनमें हरियाणा से संगीता ढुल अकेली हैं।

 

एक साधारण किसान परिवार से होते हुए तथा गांव के छोटे से स्कूल से पढ़ाई शुरू करके संगीता ने अपनी मेहनत के दम पर यह मुकाम हासिल किया है। वह हर कक्षा में हमेशा अव्वल रही है। किसान की बेटी जब अपनी पर आ जाए तो वो बड़े से बड़ा मुकाम हासिल कर लेती है। बस उन पर विश्वास करने की जरूरत है।

 

किसान नेता रामराजी (Ramraji dhull) ने कहा कि आज बेटा-बेटी में कोई फर्क नहीं है। आज लड़कियां हर क्षेत्र में लड़कों से आगे हैं। इसके साथ ही उपलब्धियों के इस दौर में लड़कियां हर जगह पुरूषों से आगे निकल रही हैं। घरेलू कार्य से लेकर जोखिम भरे कार्यों में महिलाएं अपनी अदम्य शक्ति का परिचय दे रही हैं। उन्हें इस होनहार बच्ची पर बहुत गर्व है और दूसरी लड़कियों को भी इन से प्रेरणा लेनी चाहिए।

 

उन्होंने कहा कि आजकल बेटियां अपने अदम्य साहस के बल पर अपनी पहचान बना रही हैं। हर क्षेत्र में लड़कियां आगे निकल कर आ रही हैं। बेटियां बोझ नहीं बल्कि लक्ष्मी होती हैं। जो अपने को स्थापित करने के अलावा दो परिवारों का मार्ग दर्शन करती हैं।

 

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शर्मनाक ! गंदे कपड़े पहने किसान को मेट्रो में चढऩे से रोका, अफसर टर्मिनेट

बेंगलुरू। बेंगलुरू मेट्रो स्टेशन पर एक शर्मनाक घटना सामने आई है। एक वायरल वीडियो में देखने को मिला कि मेट्रो स्टेशन के स्टाफ ने एक किसान को मेट्रो में चढऩे से इसलिए रोक दिया, क्योंकि उसके कपड़े गंदे थे।

इस शर्मनाक हरकत का जब एक शख्स ने विरोध किया और वीडियो बनाकर वायरल किया तो आखिरकार बेंगलुरू मेट्रो रेल कॉरपोरेशन लिमिटेड ने किसान को रोकने वाले सिक्योरिटी सुपरवाइजर को टर्मिनेट कर दिया है।

वीडियो में नजर आ रहा है एक वृद्ध किसान बैग चेकिंग पॉइंट पर खड़ा हुआ है। उसके सिर पर सामान का एक बोरा रखा हुआ है। जिस समय किसान को रोका जा रहा था, तब वहां खड़े एक पैसेंजर ने अफसर से पूछा- क्या मेट्रो में चलने का कोई ड्रेस कोड है? पैसेंजर ने ही घटना के वीडियो को सोशल मीडिया पर पोस्ट किया।टर्मिनेट कर दिया है।

किसान को जब मेट्रो में जाने से रोका जा रहा था, तब वहां कार्तिक सी ऐरानी नाम के एक व्यक्ति भी मौजूद थे। वीडियो उन्होंने ही बनाकर पोस्ट किया। वीडियो में उनकी आवाज सुनाई दे रही है। वे किसान को मेट्रो में एंट्री से रोकने का विरोध कर रहे हैं।

कार्तिक मेट्रो सिक्योरिटी सुपरवाइजर से किसान को रोके जाने का कारण पूछ रहे हैं। वे अधिकारी से कहते हैं कि मेट्रो में सफर करने के लिए क्या कोई ड्रेस कोड है।

वह व्यक्ति एक किसान है और उसके पास मेट्रो से यात्रा करने के लिए टिकट है। उसके बैग में कोई ऐसा सामान नहीं है, जिसे मेट्रो में ले जाना प्रतिबंधित हो। उसके पास केवल कपड़े हैं। किस आधार पर उसे मेट्रो में सफर करने से रोका जा रहा है? यह पब्लिक ट्रांसपोर्ट है। इस दौरान कार्तिक के सपोर्ट में और भी लोग आ जाते हैं।

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