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इतनी बुरी हारी टीम कि फैन्स के साथ कप्तान के निकले आंसू

T20 वर्ल्ड कप के सेमीफाइनल में आखिरकार आज भारत की टीम बाहर हो गई। इंग्लैंड की टीम ने भारत को हराया लेकिन जिस तरीके से हराया इस हार की किसी को भी उम्मीद नहीं थी। खासकर वर्ल्ड कप लेवल पर तो बिल्कुल भी ऐसी हार पचाई नहीं जा सकती। इंग्लैंड ने भारत द्वारा दिए गए 169 का टारगेट बिना कोई विकेट गंवाए 16 ओवर में ही प्राप्त कर लिया और 10 विकेट्स से भारत को करारी शिकस्त दी। पोल में अपनी राय जरूर दें ?

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इतनी बड़ी और बुरी हार के बाद न केवल करोड़ों फैंस का दिल टूट गया बल्कि खिलाड़ी भी काफी मायूस नजर आए। कप्तान रोहित शर्मा मैच हारने के बाद काफी निराश थे यहां तक कि उनके आंसू भी निकल आए और वे आंसू पोछते और कोच राहुल द्रविड़ उन्हें दिलासा देते नजर आए। इस टूर्नामेंट में सबसे ज्यादा रन बनाने वाले विराट कोहली भी काफी निराश नजर आए। पूरे वर्ल्ड कप में उनका बल्ला जमकर चला, आज के मैच में भी उन्होंने बेहतरीन पारी खेलते हुए 50 रन बनाए थे लेकिन किस्मत को यह मंजूर नहीं था कि भारत वर्ल्ड कप के फाइनल में जाए।

इस वर्ल्ड कप में काफी तरह के उतार-चढ़ाव देखने को मिले हैं पाकिस्तान जैसी टीम जो पहले ही बाहर होने के कगार पर थी लेकिन दूसरी टीमों के किस्मत से वह वापसी करते हुए सबसे पहले फाइनल में पहुंच गई तो वही बेहतरीन प्रदर्शन करती आ रही टीम इंडिया सेमीफाइनल मैच से हारकर बाहर हो गई। भारतीय टीम ने इस हार के साथ एक अनचाहा रिकॉर्ड भी अपने नाम का किया है। T20 वर्ल्ड कप में अब तक हुए 16 सेमीफाइनल मैचों में 10 विकेट से हारने का यह रिकॉर्ड बना है और यह रिकॉर्ड दुर्भाग्य से भारत के नाम बना है वहीं इंग्लैंड ने अपने ही एक अन्य रिकॉर्ड की बराबरी की इंग्लैंड ने आज से 12 साल पहले श्रीलंका को सेमीफाइनल में 16 ओवर में हराया था और आज भारत को हराया है

गुवाहाटी में भारत और सा.अफ्रीका ने खड़े किए रनों के पहाड़, लेकिन भारत सीरीज + मैच जीता

फतेहाबाद। साऊथ अफ्रीका के साथ भारत के दूसरे टी-20 में भारत ने जबरदस्त बैटिंग करते हुए मैच जीत लिया। भारत तीन मैचों की सीरीज भी 2-0 से जीत गया। भारत के चारों टॉप बल्लेबाजों का बल्ला खूब चला। पहले बल्लेबाजी करते हुए टीम इंडिया ने 20 ओवर में 3 विकेट खोकर 237 रनों का पहाड़ खड़ा कर दिया। जिसके जवाब में साऊथ अफ्रीका भी जबरदस्त बैटिंग करता नजर आया। अफ्रीकी टीम ने 20 ओवर पर 3 विकेट खोकर 221 रन बनाए और भारत 16 रन से जीत गया। डेविड मिलर व डिकॉक ने जबरदस्त बल्लेबाजी की। डेविड मिलर ने अंतिम ओवर में लंबे-लंबे जड़ शतक जड़ दिया। उनका यह दूसरा टी-20 शतक हुआ। डेविड ने 47 गेंदों पर 8 चौके, 7 छक्कों से 106 रन बनाए।

टी-20 में भारत का यह भारत का चौथा सबसे हाई स्कॉर है। इस मैच में सूर्यकुमार यादव व कोहली ने 42 गेंदों पर 102 रन की पार्टनरशिप जड़ दी। केएल राहुल ने 28 गेंदों पर 57 रन जड़े, उन्होंने 28 गेंद पर 5 चौके, 4 छक्के जड़े, केशव महाराज ने राहुल को आऊट किया। वहीं रोहित शर्मा ने 37 गेंद्र में 43 रन बनाए, जिसमें 7 चौके, एक छक्का था। रोहित को भी केशव ने आऊट किया। ङ्क्षकग कोहली ने 28 गेंदों पर नाबाद रहते हुए 7 चौके व एक छक्का जड़ 49 रन बनाए। वहीं सूर्यकुमार यादव ने 22 गेंदों पर फिर ताबड़तोड़ बल्लेबाजी कर 5 चौकों व 5 छक्कों की सहायता से 61 रन जड़ दिए। सूर्यकुमार यादव लगातार चौथे नंबर पर भयंकर बल्लेबाजी कर रहे हैं। सूर्य को एनरिक नार्तजे ने आऊट किया।

दिनेश कार्तिक भी कोहली के साथ नाबाद रहे। उन्होंने फिर फिनिशर की भूमिका अदा करते हुए अंत में 7 गेंदों पर 1 चौका व 2 छक्के जड़ 17 रन बना डाले। रन चेज में टेंबा 0 पर चलते बने, अर्शदीप ने विकेट ली, डिकॉक ने 45 गेंद पर 3 चौके, 3 छक्के जड़ 62 रन बनाए। रूसो भी अर्शदीप का शिकार बने और 0 पर आऊट हुए। मार्करम को अक्षर ने 33 रन पर आऊट किया, जिन्होंने 19 गेंद पर 4 चौके, एक छक्का जड़ा। डिकॉक ने 48 गेंदों पर 48 रन बनाए, जिनमें 3 चौके, 4 छक्के थे।

भारत की तरफ से अर्शदीप और अक्षर ने विकेट ली, लेकिन उनकी खूब पिटाई भी हुई। दीपक चाहर ने चार ओवर में 24 रन दिए, एक मेडन ओवर रहा। अर्शदीप ने दो बल्लेबाज शून्य पर आऊट किए, लेकिन इसके बाद पिटाई हुई और 4 ओवर में 62 रन दे दिए। अश्विन ने 4 ओवर में 37 रन दिए, अक्षर ने 4 ओवर में 53 रन देकर एक विकेट लिया। हर्षल पटेल ने 4 ओवर में 45 रन दिए।

गजब की गेंदबाजी से पहला टी-20 दक्षिण अफ्रीका से जीता भारत, चार बल्लेबाज 0 पर आऊट किए

भारत और साऊथ अफ्रीका में हुए पहले टी-20 मैच को भारत ने जीतकर धमाकेदार शुरूआत की। टीम इंडिया ने यह मैच 8 विकेट से आसानी से जीत लिया। इस मैच में भारत की गेंदबाजी गजब रही। वहीं बैटिंग भी ठीक-ठाक रही। भारत के लिए पहले गेंदबाजी करते हुए गेंदबाजों ने साऊथ अफ्रीका बैटिंग लाइन अप की बखियां उधेड़ दी। दक्षिण अफ्रीका ने 20 ओवर में 8 विकेट पर 106 रन बनाए। जिसके जवाब में टीम इंडिया ने 16.4 ओवर में 110 रन 2 विकेट के नुकसान पर बना लिए। अर्शदीप ने क्विंटन डिकॉक को एक रन पर आऊट किया। इसके बाद टेंबा बवुमा को शून्य पर आऊट किया।

चार बल्लेबाज शून्य पर ही आऊट हुए। अर्शदीप ने राईली रूसो को 0 पर, हर्षल पटेल ने एडम मार्करम को 25 पर, डेविड मिलर को अर्शदीप ने 0 पर, ट्रिस्टन स्टब्स को दीपक चाहर ने 0 पर आऊट कर दिया। अक्षर पटेल ने केशव महाराज को 41 पर बोल्ड किया। महाराज ने दक्षिणी अफ्रीका की पारी को संभाला। उन्होंने 35 गेंद पर 5 चौके और 2 छक्के लगाकर 41 रन बनाए। वेन पार्नल भी उनके साथ जमे, जिन्होंने 37 गेंदों पर एक चौका, एक छक्का जड़ 24 रन बनाए। उन्हें अक्षर पटेल ने आऊट किया। उधर भारत की बल्लेबाजी में कप्तान रोहित शर्मा भी 0 पर आऊट हुए, इसके बाद कोहली 9 गेंद पर 3 रन बनाकर आऊट हुए। फिर केएल राहुल और सूर्यकुमार यादव जम गए।

लोकेश राहुल ने 56 गेंद पर 51 रन बनाए, 2 चौके, 4 छक्के जड़े। सूर्य कुमार यादव ने 33 गेंद पर 5 चौके, 3 छक्के जड़ फिर फिफटी जड़ दी। पिछले मैच में आस्ट्रेलिया के खिलाफ उन्होंने 69 रन बनाए थे। लगातार उनका बल्ला चल रहा है और कहीं न कहीं 4 नंबर की पॉजिशन के लिए वे फिट बैठते जा रहे हैं, जो भारत के लिए अच्छी निशानी है। भारत युवराज सिंह के जाने के बाद से ही इस स्थान को भरने के लिए जद्दोजहद कर रहा था।

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हैदराबाद में चमके सूर्य-कोहली, भारत ने आस्ट्रेलिया से सीरीज जीती

सूर्यकुमार यादव और विराट कोहली की जबरदस्त बैटिंग और अर्धशतकों की बदोलत भारत ने आस्ट्रेलिया को निर्णायक तीसरे टी-20 में हराकर द्विपक्षीय मास्टरकार्ड शृंखला जीत ली है। भारत ने टॉस जीतकर पहले गेंदबाजी चुनी। आस्ट्रेलिया ने 20 ओवर में 7 विकेट खोकर 186 रन बनाए। आज भी भारतीय गेंदबाजी कहीं न कहीं पिटती दिखी। टिम डेविड ने 54, कैमरून ग्रीन ने 52 रन बनाए।

अक्षर पटेल ने तीन विकेट झटके। बाद में भारत की बल्लेबाजी में सूर्यकुमार व कोहली चमके, उनके सिक्सेज सबको लुभा गए। यादव ने 36 गेंदों पर 69 रन बनाए, जबकि कोहली भी 63 रन बनाकर अंतिम ओवर में आऊट हुए। लोकेश राहुल मात्र एक रन बना पाए। रोहित शर्मा ने 17 रन बनाए। पंडया ने 25 रन बनाए।

भारतीय टीम ने 8-8 ओवर मैच में आस्ट्रेलिया को हरा बराबर किया हिसाब

नागपुर। तीन मैचों की टी-20 शृंखला के दूसरे मैच में भारत ने आस्ट्रेलिया को हरा कर बराबरी कर ली है। पहला मैच हारने के बाद आज टीम इंडिया थोड़ा रंग में नजर आई। हालांकि मैच 2 घंटे लेट शुरू होने के चलते 8-8 ओवर ही हो पाए। आस्ट्रेलिया ने पहले खेलते हुए 8 ओवर में 90 रन बनाए। जिसके जवाब में भारत ने तीन गेंद शेष रहते हुए रन चेजकर मैच जीत लिया। आस्ट्रेलिया ने पहला टी-20 मैच मोहाली में जीतकर बढ़त बना ली थी। अब अगला टी-20 मैच शृंखला डिसाइडर होगा।

मैच 7 बजे शुरू होना था, लेकिन आऊट फील्ड गीला होने के चलते खेल 2 घंटे 15 मिनट बाद शुरू हो पाया। बाद मेें 8-8 ओवर का मैच हुआ और एक गेंदबाज 2 ओवर गेंदबाजी कर सकता था। पावर प्ले भी 2 ओवर का होना था। आस्ट्रेलिया की तरफ से एरोन फिंच ने 15 गेंद पर 4 चौके, एक छक्का जड़कर 31 रन बनाए, फिंच को बुमराह ने बोल्ड किया। पिछले मैच के हीरो कैमरन ग्रीन को अक्षर पटेल व कोहली ने 5 रन पर रन आऊट कर दिया। मैक्सवेल को पटेल ने 0 पर बोल्ड किया, टिड डेविड को भी पटेल ने 2 रन पर बोल्ड कर चलता किया।

इसके बाद मेथ्यू वेड ने पारी संभाली और 20 गेंदों पर 4 चौके, 3 छक्कों के साथ 43 रन बनाए। स्टीव स्मिथ 5 गेंदों पर 8 रन बनाकर आऊट हुए। वहंी भारत की तरफ से लोकेश राहुल ने 6 गेंदों पर एक छक्का जड़ 10 रन बनाए। रोहित शर्मा नाबाद रहे और 20 गेंदों पर 4 चौके, 4 छक्के जड़ते हुए 46 रन जड़े, विराट कोहली ने 6 गेंदों पर 2 चौके जड़ 11 रन बनाए, राहुल व कोहली को एडम जांपा ने बोल्ड किया। सूर्यकुमार यादव को जांपा ने एलबीडब्लू किया। पांडया को कमिंस ने आऊट किया, जिन्हें फिंच ने कैच पकड़ा। पांडया ने 9 गेंदों पर एक चौके के साथ 9 रन बनाए। अंत में आए दिनेश कार्तिक ने पहली गेंद पर छक्का और दूसरी गेंद पर चौका जड़ जीत दिलाई।

200 + रन बनाकर भी आस्ट्रेलिया से पहला T-20 मैच हारा भारत

मोहाली। T20 वर्ल्ड कप से पहले क्रिकेट के ट्वेंटी-20 मैचों में भारत का शर्मनाक प्रदर्शन जारी है। आज बल्लेबाजों ने 208 रन बनाए, लेकिन बोलर्स इन रनों को बचा नहीं पाए और आस्ट्रेलिया ने 19.2 ओवर में 6 विकेट खोकर लक्ष्य हासिल कर लिया। ऑस्ट्रेलिया ने जवाब में 211 रन बना डाले।

ऑस्ट्रेलिया ने अंतिम ओवर्स में भारतीय गेंदबाजों की जमकर धुलाई की। इंडिया के लिए हार्दिक पंड्या ने बेहद शानदार पारी खेलते हुए 30 गेंदों में 71 रन बना डाले। उन्होंने 7 चौके जड़े जबकि 5 छक्के लगाए। अंतिम ओवर में उन्होंने छक्कों की हैट्रिक लगाते हुए 21 रन जोड़ डाले।

हालांकि आज भारत को दो झटके टाइम से लग गए। कप्तान रोहित शर्मा और विराट कोहली फ्लॉप रहे। इसके बाद केएल राहुल और सूर्य कुमार ने शानदार पारियां खेली। सूर्य कुमार ने 25 गेंदों में 40 रन बनाए, 2 चौके और शानदार 4 छक्के जड़ेम केएल राहुल ने भी 35 गेंदों में 55 रन बनाएम उन्होंने 4 चौके और 3 छक्के लगाए।

रोहित शर्मा ने 9 गेंदों पर सिर्फ 11 रन जोड़े जबकि विराट कोहली ने 7 गेंदों पर 2 रन बनाए। ऑस्ट्रेलिया के ओपनर एरोन फिंच ने 13 गेंदों पर 22 रन बनाए 3 चौके और एक छक्का जड़ा। जबकि कैमरन ग्रीन ने 61 गेंदों पर 30 गेंदों पर 61 रन बनाए 8 चौके और 4 छक्के जड़े।

स्टीव स्मिथ ने 24 गेंदों पर 35 रन बनाए 3 चौके और एक छक्का जड़ा। ग्लेन मैक्सवेल ने 3 गेंदों पर 1 रन बनाया। जोश इंग्लिश 10 गेंदों पर 17 रन बनाकर 3 चौके जड़े। टीम डेविड ने 14 गेंदों पर 18 रन बनाए एक चौका और एक छक्का जड़ा।

मैथ्यू वेड ने 21 गेंदों पर 6 चौके और 2 छक्के लगाते हुए 45 रन बनाए। पैट कमिंस ने 1 गेंद पर चौका लगाते हुए 4 रन बनाए। भारत की तरफ से भुनेश्वर कुमार बेहद महंगे साबित हुए उन्होंने 4 ओवर में बिना कोई विकेट के 52 रन दिए।

उमेश यादव ने 2 ओवर में 2 विकेट लेते हुए 27 रन खर्चे। अक्षर पटेल ने 4 ओवर में 3 विकेट लेते हुए 17 रन दिए। यजुवेंद्र चहल ने 3 ओवर 2 गेंदों पर 42 रन देकर एक विकेट ली। हर्षल पटेल ने 4 ओवर में 49 रन दिए। हार्दिक पंड्या ने 2 ओवर में 22 रन लुटा दिए।

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आखिर कब मिलेंगे टीम इंडिया को दूसरे धोनी और युवराज

आखिर कब मिलेंगे टीम इंडिया को दूसरे धोनी और युवराज … टीम इंडिया में रिकॉर्डधारी रोहित शर्मा हैं, विराट कोहली हैं, बेहद प्रभावशाली गेंदबाज बुमराह, शमी, भुवनेश्वर और रविचंद्र अश्विन है और ऑलराऊंडर रङ्क्षवद्र जडेजा हैं, लेकिन फिर भी टीम इंडिया अब बड़े मुकाम पर वो नहीं कर पाती, जो आज से 7-8 साल पहले कर रही थी। टीम इंडिया में कोई तो कमी है, जो खल रही है। वो कमी है मैच फिनिशर और टीम इंडिया के मध्यक्रम के बल्लेबाजी में एंकर डाल कर बल्लेबाजी करने वाले महेंद्र सिंह धोनी और युवराज सिंह की।

वर्षों हो गए टीम इंडिया से इनको गए लेकिन टीम इंडिया इनके विकल्प तैयार नहीं कर पाई, कोई भी बल्लेबाज इनके आसपास भी ठहर नहीं पाता। ऋषभ पंत के रूप में धोनी का विकल्प तलाशने का प्रयास हुआ, लेकिन पंत खरा नहीं उतर रहे। ना ही टीम इंडिया की वो एकता अब नजर आती है, जो धोनी के समय नजर आती थी। यही कारण है कि पिछले 9 सालों से आईसीसी की कोई ट्रॉफी टीम इंडिया नहीं जीत पाई। वर्ष 2006 में पाकिस्तान दौरे पर धोनी और युवराज का पॉवर हिटर के रूप में टीम में जो उदय हुआ, वो सफर अगले काफी वर्षों तक जारी रहा और इसी दौरान टीम पहला टी-20 वल्र्ड कप जीती, 2011 का वल्र्ड कप जीती, चैंपियंस ट्रॉफी जीती, यानि वल्र्ड लेवल पर टीम इंडिया की धूम थी। दोनों खिलाड़ी फिनिशर के साथ-साथ मल्टी-टैलेंटेड भी थे। टी-20 वल्र्ड कप 2021 के बाद एशिया कप से भी टीम इंडिया बाहर हो गई है। अगर हमें अक्टूबर में वर्ल्ड कप जीतना है तो ऐसे ही खिलाडिय़ों की जरूरत है।

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सचिन जब खेलते थे तो ऐसा लगता था, जब वो रिटायर होंगे तो क्या ही हो जाएगा.. लेकिन उनके रहते हुए विराट कोहली का उदय हुआ और जब सचिन गए तो विराट ने उनका स्थान बखूबी लिया और टीम को सचिन की कमी नहीं होने दी। उन्होंने नंबर तीन की समस्या हल कर दी। लेकिन धोनी और युवराज जब से टीम से गए हैं, तब से ही टीम में बैटिंग क्रम नहीं बन पा रहा। युवराज के जाने के बाद नंबर चार को आज तक टीम इंडिया स्थायी नहीं कर पाई है, कई सालों से लगातार खिलाड़ी आजमाए जा रहे हैं, लेकिन दूसरा युवराज नहीं आ पाया जो बीच के ओवर्स में टीम इंडिया का आधार बने।

वहीं इसके बाद निचले क्रम में आते थे धोनी, जो दुश्मन के जबड़े में हाथ डाल कर बहुत बार मैच खींच ले जाते थे। हारा हुआ मैच वे अपने दम पर जीत जाते थे। भले ही उनकी बैटिंग की बात करें, उनकी कीपिंग की बात करें या उनकी हैरान कर देने वाली लेकिन ठंडे स्वभाव की कप्तानी, तीनों ही तरह से वे मैच पलट देते थे। बिना देखे उनका थ्रो मारकर गिल्लियां उखाड़ देना या मिनि सेकेंड्स में स्टंप्स कर देना हो या फिर बैट्समैन के मन में क्या चल रहा है, उसी हिसाब से फील्डिंग सेट कर अगली ही गेंद पर विकेट गिराना उनकी इस कला की दुनिया कायल थी।

टीम इंडिया पिछले कुछ समय से ऋषभ पंत को टी-20 क्रिकेट में पावर हिटर बल्लेबाज के रूप में तैयार कर रही है, लेकिन वो लगातार फ्लॉप हो रहे हैं। वे हिटर तो हैं, लेकिन वे दर्शकों में वे विश्वास नहीं जगा पाते, जो धोनी जगाते थे कि जब तक माही है, मैच हमारा है। पंत के अलावा हार्दिक पंड्या का भी हाल कुछ ऐसा ही है। वो काफी दिनों तक चोट के कारण टीम से बाहर रहे और जब वापसी की है तो उनके प्रदर्शन में निरंतरता नहीं दिखती। जब भी बॉल कम होती और रन ज्यादा होते और क्रीज पर धोनी होते तो मैच अवश्य जीतते, कोहली के साथ-साथ धोनी ही ऐसी वल्र्ड लेवल पर खिलाड़ी थे, जिन्हें चेज मास्टर कहा जाता था।

पूरी दुनिया चेजिंग में जब फेल थी, तब धोनी, कोहली और युवराज इसके मास्टर थे। अब टीम में ऐसा नहीं है। जब भी ऊपरी क्रम के बल्लेबाज आऊट होते हैं तो मिडिल दबाव में बिखर जाता है और ज्यादा रन कम गेंद के दबाव को झेल नहीं पा रहा। यहीं पर टीम इंडिया लगातार हार रही है।

युवी बल्लेबाजी के साथ-साथ फील्डिंग में भी अव्वल थे और उनकी गेंदबाजी की भी क्या कहने। वे साधारण गेंदबाज थे, लेकिन हमेशा विकेट टेकर साबित हुए। जहां टीम को जरूरत होती तो कप्तान धोनी उन्हें ही गेंदबाजी देते और वे बीच के ऑवर्स में टीम इंडिया को ब्रेकथू्र जरूर दिलाते थे। आईसीसी की पहला टी-20 वल्र्ड कप, 2011 वल्र्ड कप, चैंपियंस ट्रॉफी यानि आईसीसी के सभी टूर्नामेंट जीतने वाले दुनिया के एकमात्र कप्तान भी धोनी ही बने।

वहीं, आखिरी बार भारत ने जो आईसीसी ट्रॉफी जीती है, उसके कप्तान भी माही ही थे। भारत ने 2013 में इंग्लैंड को हराकर चैंपियंस ट्रॉफी अपने नाम की थी। टीम इंडिया को यदि फिर से वही सफलता हासिल करनी है तो टीम इंडिया को दूसरी टीमों को रन चेज से रोकने के लिए कमाल की कप्तानी, बॉलिंग, फील्डिंग तो चाहिए ही, जल्दी विकटें गिरने पर मुश्किल समय में टिक कर बल्लेबाजी कर मैच फिनिशर भी चाहिए। देखते हैं टीम इंडिया को अगले धोनी और युवराज कब मिलते हैं।