2800 obscene videos in pen drive, former PM's family trapped in sex scandal, know the whole matter

India Political news : पेन ड्राईव में 2800 अश्लील वीडियो, सेक्स स्कैंडल में फंसा पूर्व पीएम का परिवार, जानें पूरा मामला

India Political news : देश के पूर्व प्रधानमंत्री देवेगौड़ा का परिवार सेक्‍स स्‍कैंडल मामले में फंसता चला जा रहा है। एचडी देवेगौड़ा के पोते और कर्नाटक के हासन से सांसद प्रज्‍वल रेवन्ना से जुड़ा सेक्स स्कैंडल सामने आने के बाद अब उन्हें जनता दल (सेक्युलर) से निकालने की मांग पार्टी के अंदर उठने लगी है। इधर, स्पेशल इन्वेस्टिगेशन टीम ने अपनी कार्रवाई शुरू कर दी है। प्रज्‍वल रेवन्ना फिलहाल विदेश में है। प्रज्‍वल रेवन्ना के पिता ने इन ऑडियो-वीडियो क्लिप्स को अपने परिवार के खिलाफ एक सोची-समझी साज़िश बताया है। वहीं, कुमारस्वामी ने ख़ुद को अपने भाई के परिवार से अलग बताकर  किनारा कर लिया। वहीं कर्नाटक के हासन में जेडीयू सांसद और एनडीए के मौजूदा उम्मीदवार प्रज्‍वल रेवन्ना की गिरफ्तारी की मांग हो रही है। ऐसे में लोग सड़क पर उतरे हुए हैं।

पेन ड्राईव में 2800 अश्लील क्लिप्‍स

 

मीडिया सूचना द्वारा बताया जा रहा है कि, बरामद की गई पेन ड्राइव्स में 2800 के आसपास अश्लील ऑडियो-वीडियो क्लिप्स और अश्लील तस्वीरें हैं। सभी क्लिप्स में आवाज़ प्रज्‍वल रेवन्ना की बताई जा रही है। कुछ महिलाओं और लड़कियों के साथ ज़ोर-ज़बरदस्ती भी दिख रही है। हालांकि, ज़्यादातर महिलाएं जो प्रज्‍वल रेवन्ना की शिकार बनीं, वो विरोध नहीं कर पाईं। ये आरोप भी लग रहे हैं कि, इन वीडियो को प्रज्‍वल ने खुद रिकॉर्ड कर महिलाओं और लड़कियों को ब्लैकमेल भी किया।

ALSO READ  Black Residence of Dubai : दुबई में काली कमाई से 30 हजार भारतीयों ने खरीदे 'महल', पाकिस्तानी नेता और जनरल भी पीछे नहीं

 

अश्लील ऑडियो-वीडियो क्लिप्स पर पिता ने दी सफाई 

 

अश्लील ऑडियो-वीडियो क्लिप्स के मामले पर प्रज्‍वल के पिता एचडी रेवन्ना ने सफाई देते हुए कहा, “मुझे जानता हूँ कि, किस तरह की साजिश चल रही है और मैं उनमें से नहीं हूं, जो डर जाऊंगा और भाग जाऊंगा। उन्होंने कुछ ऐसा जारी किया है जो 4-5 साल पुराना था। उन्हें पार्टी से निष्कासित करना पार्टी आलाकमान पर छोड़ दिया गया है। चूंकि एसआईटी जांच कर रही है, इसलिए मैं आगे कोई प्रतिक्रिया नहीं दूंगा.”

देश छोड़कर भागे प्रज्‍वल रेवन्‍ना 

 

कर्नाटक के गुलबर्गा में मौजूद प्रियंका गांधी ने इस मामले में सीधे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से जवाब मांगा. 26 अप्रैल को मतदान के बाद प्रज्‍वल जर्मनी चला गया। ये पूछा जा रहा है कि, प्रशासन ने उसे रोका क्यों नहीं ? प्रशासन की सफ़ाई है कि, उसे प्रज्‍वल रेवन्ना की सेक्स पेन ड्राइव की जानकारी नहीं थी। डिप्टी कमिशनर हासन सत्य भामा ने कहा कि, चुनाव की वजह से हम लोग सब काफी व्यस्त थे और इस बारे में हमें जानकारी नहीं थी। ज़िला प्रशासन का कहना है कि, उसे जानकारी नहीं थी। चुनाव खत्म होते ही आरोपी प्रज्‍वल रेवन्ना विदेश भाग गया, इसके बाद ही महिला आयोग के कहने पर राज्य सरकार ने एफआईआर दर्ज करवाने के साथ साथ एसआईटी के गठन की घोषणा की। इससे सिद्धारमैय्या सरकार की नीयत पर भी सवाल उठ रहे है कि, हाई प्रोफाइल मामलों में सिस्टम किस तरह काम करता है।

ALSO READ  Patanjali Products ban : पतंजलि की दृष्टि आई ड्रॉप से लेकर मधुनाशिनी वटी पर तक पाबंदी लगी, आए जानें किन-किन उत्पादों के लाइसेंस हुए कैंसल

प्रज्‍वल रेवन्ना पर क्या है पूरा मामला ?

 

  1. हासन में 22-23 अप्रैल को कुछ बसों की सीटों पर पेन ड्राइव मिलीं है।
  2. हासन के चौराहों और कुछ बगीचों में भी मिलीं है।
  3. कई में अश्लील ऑडियो-वीडियो क्लिप्स है।
  4. कुछ अश्लील तस्वीरें भी बताई जा रही हैं।
  5. तक़रीबन 2,800 के आसपास क्लिप्स है। 
  6. आवाज़ प्रज्‍वल रेवन्ना की बताई जा रही है। 
  7. कुछ तस्वीरों में भी प्रज्वल रेवन्ना दिखने का दावा है। 
  8. प्रज्‍वल रेवन्ना एचडी देवेगौड़ा के पोते है। 
  9. फिलहाल प्रज्‍वल हासन से जेडीएस के सांसद है। 
  10. इस बार भी जेडीएस ने प्रज्‍वल को चुनाव लड़वाया है। 

 

 

 

 

हासन में विरोध प्रदर्शन शुरु

बता दें कि, हासन में 26 अप्रैल को मतदान हुआ था और चुनाव के दूसरे दिन प्रज्‍वल जर्मनी चले गए। इसी दिन राज्य महिला आयोग की SIT जांच की मांग हुई. इसके बाद 28 अप्रैल को हासन में प्रज्‍वल और पिता के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई। एडीजीवी बीके सिंह के नेतृत्व में एसआईटी गठित की गई, जिसमें एसपी रैंक की दो महिला अधिकारी भी शामिल हैं। एसआईटी ने मामले की जांच शुरू कर दी है। इस बीच कुछ संगठनों ने हासन में विरोध प्रदर्शन किया और FIR में बलात्कार से जुड़ी धारा जोड़ने की मांग की है।

Leave a Comment

Your email address will not be published. Required fields are marked *