नगर परिषद प्रधानों की शक्तियों में फिर कमी, अधिकारियों की शक्तियां बढ़ाईं

फतेहाबाद। अब नगर परिषद व नगरपालिकाओं के प्रधानों को शहरी स्थानीय निकाय विभाग की ओर से जारी साधारण बैठक के कार्य संचालन की सूची के अनुसार ही बैठक का एजेंडा तय करना होगा। जानकारी के मुताबिक स्थानीय शहरी निकाय विभाग ने म्युनिसिपल एक्ट 1973 के बिजनेस बॉय लॉज में संशोधन कर नगर परिषद व नगरपालिकाओं की शक्तियों में कमी कर दी है। 19 सितंबर 2022 को जारी शहरी स्थानीय विभाग की अधिसूचना के अनुसार अब प्रधान मन मुताबिक बैठक का एजेंडा तैयार नही कर पाएंगे। इस ताजा संशोधन के मुताबिक निकाय विभाग ने कार्य संचालन की व्यवस्था तथा कार्य संचालन की प्रत्येक सूची अध्यक्ष के निर्देशाधीन कार्यकारी अधिकारी व सचिव द्वारा तैयार की जाएगी।

अब साधारण बैठक के कार्य के संचालन की सूची में 9 बिंदु तय कर दिए गए है। इनके मुताबिक ही बैठक का एजेंडा तैयार किया जाएगा। बैठक में सबसे पहले पिछले बैठक की कार्रवाई की पुष्टि करवानी होगी। वहीं एजेंडा में समिति द्वारा कोई निर्वाचन, प्रश्न, याचिकाएं, किसी उप समिति का संकल्प, सरकार के पत्र समिति के सदस्यों और अधिकारियों के पत्र, जनसाधारण के पत्र तथा गठित की गई समितियों की रिपोर्ट को शामिल करना होगा। वहीं नगर परिषद व नगरपालिका की बैठक में विचार हेतू रखे जा रहे एजेंडे को वितरण करने से पूर्व बैठक के कार्य संचालन की सूची की कानूनी जांच के साथ साथ वित्तीय दृष्टिकोण कार्यकारी अधिकारी और सचिव द्वारा करवाई जाएगी।

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उल्लेखनीय की अब तक नगर परिषद व नगरपालिकाओं के प्रधान बैठक का एजेंडा अपने हिसाब से तैयार करवाते थे और बैठक में सदस्यों के बहुमत से पास करवा लेते थे लेकिन अब बैठक के एजेंडे स्थानीय शहरी निकाय विभाग की जारी अधिसूचना के हिसाब से तैयार होंगे और उनकी कानूनी और वित्तीय स्थिति कार्यकारी अधिकारी व सचिव देखेंगे। कुल मिलाकर इस अधिसूचना में अधिकारियों को ज्यादा शक्तियां दे दी गई है जबकि प्रधानों की शक्तियां कम कर दी गई है। उल्लेखनीय है कि शहरी स्थानीय विभाग ने पिछले दिनों नगर परिषद व नगर पालिका प्रधानों की डीडी पावर संबंधि ड्राफ्ट पर लोगों की राय मांग रखी है।

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