मनरेगा मजदूरों के आए 11-11 हजार रुपये के बिल, लोगों ने एसडीओ को घेरा

फतेहाबाद। गांव भूथनकलां में बढ़कर आए बिजली बिलों को लेकर आज दूसरे दिन भी ग्रामीणों का विरोध जारी रहा। बिजली निगम के एसडीओ इसी मामले को लेकर जब गांव के बिजली घर में पहुंचे तो ग्रामीणों ने बिजली घर के गेट को घेर लिया और बाहर धरना शुरू कर दिया। उन्होंने कहा कि जब तक उनकी समस्या हल नहीं होती, तब तक वे एसडीओ को बाहर नहीं जाने देंगे। उन्होंने बताया कि सभी लोग किसान, मजदूर हैं और 6-6 माह का एक साथ बिल 11-11 हजार से ज्यादा आ गया है, लोग कैसे भरें। 6 महीने का बिल आने के कारण सारी स्लैब्स खत्म हो गई और उन्हें सब्सिडी जैसा कोई फायदा नहीं मिल रहा। उन्होंने 2-2 महीने के हिसाब से स्लैब लगाकर बिल देने की मांग की और बिलों को ठीक करने की मांग दोहराई।
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धरने पर बैठी महिला राममूर्ति आदि ने बताया कि वे मनरेगा मजदूरी करती हैं, मनरेगा के पैसे तक नहीं आए और अब कई माह का 11 हजार रुपये का बिल उसका आया है, जबकि उसके घर सिर्फ दो बल्ब और पंखा लगा है। वहीं दूसरे ग्रामीणों ने बताया कि वे बच्चे पढ़ाएं, रोटी कमा लें या इतना बिल भरें, क्या करें। उन्होंने बताया कि यदि दो माह का बिल आता है तो ढाई रुपये, साढ़े 3 रुपये और पांच रुपये की स्लैब के अनुसार यूनिट दर यूनिट का बिल आता है, लेकिन अब 6-6 माह का बिल एक साथ भेज दिया, जिससे कोई भी स्लैब मिल नहीं रही और बिल अब 10-10 हजार रुपये से ज्यादा भेज दिए। कल प्रदर्शन कर मांग रखी तो एसडीओ ने बताया था कि बिल सही कर देंगे, लेकिन आज भी कोई बिल सही नहीं हुआ, एसडीओ जब यहां आए तो लोगों ने गेट के बाहर धरना देकर बिजली घर का घेराव कर डाला। ग्रामीणों ने कहा कि एसडीओ का कहना है कि पंचायती विकास का टैक्स इसमें जुड़ा हुआ है तो एसडीओ यह लिखित में बताएं कि गांव के विकास के लिए बिजली निगम ने कितनी राशि जारी की है। यह सिर्फ लूटने के फरमान हैं।

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